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क्या श्रीलाल शुक्ल कभी मरेंगे?

Written By 'अपनी माटी' मासिक ई-पत्रिका (www.ApniMaati.com) on शुक्रवार, अक्तूबर 28, 2011 | शुक्रवार, अक्तूबर 28, 2011


लखनऊ
श्रीलाल शुक्ल जी के निधन पर जन संस्कृति मंच ने गहरा दुख प्रकट किया है तथा कहा है कि यह हमारे लिए अत्यन्त आहत कर देने वाली घटना है। जन संस्कृति मंच, लखनऊ के संयोजक कौशल किशोर, कवि भगवान स्वरूप कटियार, कवि व आलोचक चन्द्रेश्वर, कथाकार सुभाष चन्द्र कुशवाहा, नाटककार राजेश कुमार, कवि वीरेन्द्र सारंग व अशोक चन्द्र आदि लेखकों व रचनाकारों ने अपने शोक संदेश में कहा है कि श्रीलाल शुक्ल ने अपने साहित्य से समाज में जो मशाल जलाई है, वह हमेशा हमें और आने वाली पीढ़ियों को राह दिखाती रहेगी। वे लखनऊ में कथा साहित्य की समृद्ध व प्रगतिशील परम्परा की आखिरी कड़ी थे। यह परम्परा प्रेमचंद, यशपाल, अमृतलाल नागर, भगवती चरण वर्मा से होकर आगे बढ़ी। यही नहीं, देश की आजादी के साथ जिस पीढ़ी ने साहित्य में प्रवेश किया उसमें श्रीलाल शुक्ल अग्रणी थे। इसलिए उनका निधन साहित्य के उस युग के महत्वपूर्ण स्तम्भ  तथा लखनऊ की कथा परम्परा की आखिरी कड़ी का अवसान है। 

जन संस्कृति मंच द्वारा जारी बयान में कहा गया कि श्रीलाल शुक्ल को बहुत सारे पुरस्कारों सें सम्मानित किया गया। अभी हाल में ज्ञानपीठ पुरस्कार भी उन्हें प्रदान किया गया। पर वे इन पुरस्कारों से बहुत उपर रहे हैं। आजादी के बाद जिस तरह पूँजीवाद का विकास हुआ, समाज में सामंती जकड़न बढ़ती गई उससे आजादी से जुड़े जनता के सपने टूटते गये, समाजिक विसंगतियाँ की मार से समाज के गरीब गुरबा का जीवन शोषित दमित होता गया, श्रीलालजी का साहित्य इस यथार्थ का सजीव दस्तावेज है। श्रीलालजी की विशेषता उनकी व्यंग्यात्मक शैली भी है जो पाठकों पर गहरा असर छोड़ती है। 
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इस अवसर पर हमें जानकार व्यंग्यकार यशवंत कोठारी का शोक सन्देश भी हम प्रकाशित कर रहे हैं
पंडित श्री लालशुकल का निधन हिंदी व्यंग्य साहित्य को एक अपूर्णीय  नुकसान ह़े. वे व्यंग साहित्य के पुरोधा थे. उनके साहित्य को पढ़ पढ़ कर आज के व्यंग्यकारों ने लिखना सिखा .  वे थे एक विशाल वट वृक्ष थे, जिसके निचे सभी छाया पाते ह़े. आज भी राग दरबारी मील का पत्थर ह़े जो हम सभी को प्रेरणा देता रता ह़े. उनके निधन पर मेरी हार्दिक श्रृद्धांजली .

यशवंत कोठारी 
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योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-

जन संस्कृति मंच,लखनऊ के संयोजक हैं.लखनऊ-कवि,लेखक  के होने साथ ही जाने माने संस्कर्तिकर्मी हैं.

एफ - 3144, राजाजीपुरमलखनऊ - 226017
मो - 08400208031, 09807519227
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