''घटते वन क्षैत्र तथा बढ़ते कार्बन उत्सर्जन ने धरती के तापक्रम में बदलाव शुरू कर दिया है।''-डा. मोहन सिंह मेह - अपनी माटी ई-पत्रिका

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

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''घटते वन क्षैत्र तथा बढ़ते कार्बन उत्सर्जन ने धरती के तापक्रम में बदलाव शुरू कर दिया है।''-डा. मोहन सिंह मेह


उदयपुर
मानव जाति ने अपने स्वार्थ के वशिभूत होकर प्रकृति को बहुत नुकसान पहुँचाया है। लगातार घटते वन क्षैत्र तथा बढ़ते कार्बन उत्सर्जन ने धरती के तापक्रम में बदलाव शुरू कर दिया है। उक्त विचार डा. मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित ‘‘प्रकृति और मानव ’’ विषयक वृहत संवाद में पर्यावरण मानव विकास मंच के संस्थापक मन्नाराम डांगी ने व्यक्त किये। डांगी ने कहा कि नागासाकी, चेरनोबिल तथा फूकूसीमा की परमाणु विभिषिका से दुनिया गुजर चुकी है। ऊर्जा के वैकल्पिक स्त्रोतों पर सोचने की जरूरत है। मानव जाति को जलवायु परिवर्तन तथा वैश्विक तापक्रम के बढते खतरों पर सोंचने की जरूरत है। मन्नाराम ने नवम्बर में प्रस्तावित सार्कदेशों के प्रकृति मानव केन्द्रीय जन सम्मेलन में इन मुद्दों पर विचार करने की जरूरत बतलाई।

वरिष्ठ वास्तुकार बी.एल. मंत्री ने कहा कि चीन द्वारा कार्बन उत्सर्जन की मात्रा बढ़ाने तथा विश्व बाजार में आधिपत्य स्थापित करने की मंशा विश्व शांति तथा पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से घातक होगी। पूर्व प्राध्यापक बी.एल. कूकड़ा ने विगत वर्ष को प्राकृतिक आपदाओं से भरा वर्ष बताते हुये विकास में प्रकृति का सन्तुलन बनाये रखने की जरूरत बतलाई । शायर मुस्ताक चंचल ने कहा कि व्यक्ति अपनी जीवन शैली में थोड़ा सा बदलाव कर कार्बन उत्सर्जन की मात्रा घटा सकता है। अध्यक्षता करते हुये शिक्षाविद सुशील दशोरा ने कहा कि वसुधैव कुटूम्ब आधारित गांधीवादी बुनियादी विकास से ही मानवजाती बच सकती है। 

स्वागत करते हुये ट्रस्ट सचिव नन्दकिशोर शर्मा ने कहा कि ऋतु परिवर्तन से फसल चक्र प्रभावित हो रहा है जिससे भविष्य में खाद्यान संकट उत्पन्न होगा। तापक्रम बढ़ने से जैव विविधता एंव वाईल्ड लाईफ भी प्रभावित होगी। पर्यावरण आधारित विकास का मार्ग ही सत्त विकास (ससटेनेबल) हो सकता है। संवाद में हाजी सरदार मोहम्मद, मोहम्मद सईद, श्रीराम आर्य, बी.एल. बाखर, अब्दुल अजीज, ए.आर.खान, जवाहर सिंह चैधरी, एम.एम.खान, बी.एस. राठौड़, भंवरसिंह राजावत आदि ने भी भाग लिया। धन्यवाद की रस्म नितेश सिंह कच्छावा ने अदा की।


योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-


नंद किशोर शर्मा

मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट सचिव
संपर्क सूत्र :-0294&3294658, 2410110 ,
msmmtrust@gmail.com,
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