''महिला कल्याण के बिगड़ते समीकरण पर परामर्श केंद्र बेहद ज़रूरी ''-डॉ.ए.एल.जैन - अपनी माटी 'ISSN 2322-0724 Apni Maati'

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित ई-पत्रिका

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''महिला कल्याण के बिगड़ते समीकरण पर परामर्श केंद्र बेहद ज़रूरी ''-डॉ.ए.एल.जैन


चित्तौड़गढ़।
डॉ.ए.एल.जैन 
जिले में मनाये जा रहे समाज कल्याण सप्ताह के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग पहल संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में महिला चेतना दिवस पर महिलाओं के कल्याण उत्थान पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।   स्वयं सेवी संस्था पहल संस्थान के कार्यालय में आहुत विचार गोष्ठी में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक मानधाता सिंह ने कहा कि केन्द्र राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से महिला उन्नति के शिखर पर है। उन्होंने कहा कि महिला का आर्थिक सामाजिक सशक्तिकरण जागरूकता पर निर्भर है। महिलाएं जागरूक हो, इसके लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे ताकि अधिकाधिक महिलाएं लाभान्वित हो सके। उन्होंने विभाग द्वारा चलाई जा रही विधवा पुनर्विवाह, पालनहार योजना, बालिका छात्रावास सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देकर प्रचार प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया।

गोष्ठी में वक्ता डा.एलजैन ने कहा कि देश में महिलाओं की स्थिति में सुधार हुआ है फिर भी प्रत्येक स्तर पर चाहे वह कामकाजी महिला होकाश्तकार अथवा ग्रहिणीश्रमिक हो इनके लिए परामर्श केन्द्र की जरूरत है जिससे कि प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं का सर्वांगीण विकास हो सके। गोष्ठी में महिला एवं बाल विकास की उपनिदेशक अजिता ने कहा कि महिला कल्याण या चेतना दिवस मनाने की जरूरत क्यों पड़ीइसके लिए समाज ही जिम्मेदार है। पुरूष प्रधान देश में कई तरह की पाबन्दियों ने महिलाओं का आर्थिक उन्नयन रोका है। अब जरूरत है कि समाज रूढि़वादिता से निकल कर महिलाओं के विकास की ओर ध्यान केन्द्रित करें। निश्चित ही महिलाएं सशक्तरूप से उभरेगी।

                गोष्ठी में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एन.एस. मोदी ने महिलाओं के शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक बिन्दु पर चर्चा करते हुए कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, महिला एवं बाल विकास की योजनाओं को जन जन तक पहुंचा कर महिलाओं को जागरूक ही नहीं लाभान्वित किया जा सकता है।   वक्ता जिला अल्पसंख्यक लियाकत अली ने कहा कि जागरूकता एवं शिक्षा में ही महिलाओं का कल्याण निहित है। शिक्षित महिला वर्तमान में पुरूषों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है, लेकिन एक तबका ऐसा भी है जो शोषित जरूरतमंद है। ऐसी महिलाओं के लिए जनसहभागीता जनजागरण अभियान चलाना चाहिये।

                गोष्ठी में हिन्दुस्तान जिंक की सीएसआर अरूणा चीता ने कहा कि वेदान्ता ग्रुप महिलाओं बच्चों के लिए कई तरह की योजना चला रहा हैं वर्तमान में चित्तौड़गढ़ भीलवाड़ा में 300 आंगनवाड़ी गोद ले रखी है साथ ही 50 ग्रामीण स्कूलों में कम्प्यूटर शिक्षा दी जा रही है। इसी क्रम में महिलाओं के आर्थिक उन्नयन सामाजिक विकास स्वयं सहायता समूह के माध्यम से किया जा रहा है। गोष्ठी में अपनी माटी के सम्पादक माणिक सोनी ने ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं का दयनीय स्थिति का चित्रण करते हुए महिलाओं की स्थिति के लिए कहीं कहीं पुरूष जिम्मेदार है। जब महिला पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना घर चला सकती है तो समाज की दशा दिशा भी बदल सकती है, क्योंकि चाहे ग्रामीण महिला हो या शहरी महिला वो एक सफल प्रबन्धक है। 
                गोष्ठी में आकाशवाणी कार्यक्रम अधिकारी योगेश कालवा, अधिवक्ता चांदनी बैरागी, समाज सेवी गोर्धन पलोड़, अरविन्द ढीलीवाल ने महिला कल्याण पर महत्वपूर्ण चर्चा की। इस अवसर पर महिला थानाधिकारी सुशीला, महिला परामर्श केन्द्र की सोनिया चैधरी, श्रीमती सुगना, बाल कल्याण समिति सदस्य मंजु जागेटिया, पत्रकार मनोज शर्मा, पी.के. अग्रवाल, मुकेश मूंदड़ा, सबिया कौशक, एलएचवी गंगादेवी, किरण चैधरी, रेखा सोनी, अजय मालू, अशोक सेन एवं सत्यनारायण माली उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जेपी दशोरा द्वारा किया गया। अंत में आभार पहल संस्थान के अध्यक्ष अजयसिंह ने व्यक्त किया।


योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-
जी.पी.दशोरा
समन्वयक
पहल संस्थान,चित्तौड़गढ़
और आकाशवाणी संवाददाता
मो.9414374322,9214980177

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