पंजाबी भवन में अलग-अलग पीढ़ी के चार कवि - अपनी माटी ई-पत्रिका

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

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पंजाबी भवन में अलग-अलग पीढ़ी के चार कवि


नई दिल्ली. फाउन्डेशन फॉर लिटरेचर आर्ट एंड म्यूजिक एनलाइटेनमेंट के तत्वावधान में आयोजित एक शाम कविता के नाम में शनिवार शाम पंजाबी भवन में अलग-अलग पीढ़ी के चार कवियों ने कविता पाठ कर करीब २ घंटे तक श्रोताओं को मुग्ध कर रखा. प्रारंभ में सुश्री जसलीन कौर ने अपनी कविताओं का पाठ किया. उनके बाद उपन्यासकार और कवि अरुण आदित्य ने अपनी चुनी हुई कविताओं के जरिये व्यवस्था की  विसंगतियों पर प्रहार किया. उनकी कविताओं  'पहाड़ झांकता है नदी में ', 'कागज का आत्मकथ्य', 'लोटे' और 'मैं भी अन्ना' को लोगों ने काफी पसंद किया. अरुण आदित्य के बाद कवि  और वरिष्ठ आई पी एस अधिकारी तजेंद्र लूथरा ने अपनी कविताओं से लोगों को सोचने के लिए विवश कर दिया. तजेंद्र की कविता 'एक असाधारण शव यात्रा' को श्रोताओं नेम खूब सराहा....

योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-
अरविंद श्रीवास्तव   
मधेपुरा,बिहार से हिन्दी के युवा कवि हैं, लेखक हैं। संपादन-रेखांकन और अभिनय -प्रसारण जैसे कई विधाओं में आप अक्सर देखे जाते हैं। जितना आप प्रिंट पत्रिकाओं में छपते हैं, उतनी ही आपकी सक्रियता अंतर्जाल पत्रिकाओं में भी है।
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