आकाश दीप की चुनिन्दा रचनाएं - अपनी माटी

साहित्य और समाज का दस्तावेज़ीकरण / UGC CARE Listed / PEER REVIEWED / REFEREED JOURNAL ( ISSN 2322-0724 Apni Maati ) apnimaati.com@gmail.com

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शनिवार, नवंबर 12, 2011

आकाश दीप की चुनिन्दा रचनाएं

मानव


अंधकूपों में बैठा मानव दल
उपेक्षा की दीवारों में पल

संतुष्ट हो पीता अहम् जल


पतंग

शिशुओं से पतंग नहीं उड़ा करते
लाख कोशिश कर भी वे हारते'

उड़ाने के दाव पेंच नहीं जो जानते


कर

मन को गुरु गिरि करो दीर्घ
उर को उर्वर भर शस्य शीघ्र

प्रेम घन को ललचा,जी भर के भीग'
-- 

तुम्हारा आगमन...

तुम्हारा  आगमन
शत कपोत ह्रदय आँगन में-
चूं,चूं चुगते दाने जग के,
निर्द्वंद,निस्पृह,निरा मग में

पाकर आहट तुम्हारी-
पुलक,पुलक उड़ते अम्बर में,
इच्छाओं के,स्वप्नों के पर ले;

शत पोत मानस सरिता में-
खड़े,अड़े,खोये अटके से,
पड़े मंझधार में भटके से;

प्रणय प्रेरित नव वात पा-
नव वेग,उमंग उल्लास धर,
खेलें रुधिर लहरों पर प्रेम भर

लहरें तीव्र उठें अनंत में-
भाव,चेतना भी डूबें उनमे’
तुम ही तुम हो आत्म,मन में


तितली

इन्द्रधनुष भरी पिचकारी से,
छिटक रंग भरे अंग तुम्हारे,
पुष्प पंखुरियों से निर्मित,
कृश कोमल पंख तुम्हारे,
ओ चिर चंचल,चल चितवन,
कुञ्ज कलि शाख भरे चमन,
में करती निःशब्द रमन,
धूप छाँह से अनजान तन,
अभी इधर,नहीं उधर,किधर,
भटक भटक भटकती नज़र,
उसी बाग में,उन्ही कलियों के,
काटती चक्कर कई पहर,
क्या अभीष्ट,क्या चाह मन में,
या अवश भटकना ही स्वभाव,
उस मानव मन के समान,
अस्थिर,अशांत जो डोलती नाव,
जिसे बहाकर भाव लहरें,
भटकाती विचारों के सागर,
और कभी तरस खा कर,
पटकती सुनसान तट पर.


योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-  
आकाश दीप
ये आई.एस.एम् संस्थान,
धनबाद बिहार में बी.टेक के विद्यार्थी है.उनसे यहाँ akashdeep.ismu2008@gmail.com
सम्पर्क किया जा सकता है.
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