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इस मिट्टी की तासीर ही है कि यहाँ संत, भक्त, वीर पैदा होते है''-प्रो. भंवरसिंह सामौर

Written By 'अपनी माटी' मासिक ई-पत्रिका (www.ApniMaati.com) on मंगलवार, नवंबर 22, 2011 | मंगलवार, नवंबर 22, 2011

उदयपुर। 
स्वाधीनता आन्दोलन का इतिहास नये सिरे से लिखने की जरूरत है। उक्त विचार राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी बिकानेर के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर देव कोठारी ने डॉ. मोहनसिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट एवं राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी बिकानेर के संयुक्त तत्वावधान  में आयोजित क्रांतिवीर  केसरी सिंह बारहठ जन्मोत्सव समारोह पर आयोजित गोष्ठी में व्यक्त किये। प्रोफेसर कोठरी ने कहा कि क्रान्तिकारी केसरीसिंह बारहठ ने अपना सर्वस्व जीवन देश की आजादी के लिये न्यौछावर कर दिया। उन्होने स्वयं भाई जोरावर सिंह पुत्र प्रतापसिंह एवं जमाता ईश्वरदान आसिया सहित सम्पूर्ण परिवार को स्वतंत्रता की बलि वेदी पर कुर्बान कर दिया। 

युवा चिंतक एवं सामाजिक कार्यकर्ता डी.एस. पालीवाल ने क्रान्तिकारी केसरी सिंह बारहठ के जीवन पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए सउदाहरण स्पष्ट किया कि शिक्षा के प्रसार, नीतिपूर्ण जीवन और गुलामी से मुक्ति के लिस संघर्ष किया।  पालीवाल ने कहा कि भूमिगत क्रान्तिकारी आन्दोलन के नेत्रत्वकारी एवं देश के क्रान्तिकारी आन्दोलन के भी बारहठ अगुवा थे। इतिहासकार प्रो. भंवरसिंह सामौर ने पुरातात्विक संदर्भो से पुष्ठ करते हुए कहा कि राजस्थान की मिट्टी की तासीर ही कुछ ऐसी है कि यहाँ संत, भक्त, वीर पैदा होते है। उन्होने स्वाधीनता आन्दोलन के इतिहास में केसरीसिंह बारहठ के जीवन संघर्ष को रेखांकित करते हुए कहा कि वे महान देशभक्त, क्रान्तिकारी तथा भारत माता के सच्चे सुपुत्र थे। 

राजस्थान बार कौंसिल के सदस्य राव रतनसिंह ने कहा कि राष्ट्र नायकों एवं क्रान्तिकारियों की जीवन गाथा से देश प्रेम का जज्बा पैदा होता है। राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्ष समिति के प्रदेश महामंत्री डॉ. राजेन्द्र बारहठ ने कहा कि क्रान्तिकारी केसरी सिंह बारहठ स्वाधीन शिक्षा शास्त्री, क्रान्ति चिंतक, राजनेता एवं युगपुरूष थे। वे मानव समाज के पिढ़ियों के प्रेरक है। कार्यक्रम का प्रारम्भ ईकबाल हुसैन ‘इकबाल’ के राजस्थानी लोक गीत से हुआ है। सभा का संचालन एवं धन्यवाद की रस्म अदा करते हुए ट्रस्ट सचिव नन्द किशोर शर्मा ने कहा कि आने वाली नस्लों के लिये युग पुरूषों की जीवनीयां पथ प्रर्दशक रहेगी। 



(मूल रपटकर्ता :-नितेश सिंह कच्छावा)

योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-

नंद किशोर शर्मा

मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट सचिव
संपर्क सूत्र :-0294&3294658, 2410110 ,
msmmtrust@gmail.com,
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