कविता समय-2:छायाचित्र जो पच्चीस साल बाद और भी फबेंगे - अपनी माटी ई-पत्रिका

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

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कविता समय-2:छायाचित्र जो पच्चीस साल बाद और भी फबेंगे


तिकड़ी:
बोधिसत्व, अनामिका, मंगलेश डबराल

हिमांशु पांड्या और प्रभात भैया 

कविता समय सम्मान 2012 इब्बार रब्बी साहब को

प्रांजल धर 

प्रभात सम्मान पाते हुए 

अंदाज़ ए अनामिका जी 

अशोक कुमार पाण्डेय 




आदित्य 


सभी छायाचित्र युवा फिल्म समीक्षक मिहिर पांड्या के हाथों क्लिक हुए जिन्हें यहाँ क्लिक कर ज्यादा जाना जा सकता है 

योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-



अशोक कुमार पाण्डेय 
  • जन्म:-चौबीस जनवरी,उन्नीस सौ पिचहत्तर 
  • लेखक,कवि और अनुवादक
  • भाषा में पकड़:-हिंदी,भोजपुरी,गुजराती और अंग्रेज़ी 
  • वर्तमान में ग्वालियर,मध्य प्रदेश में निवास 
  • उनके ब्लॉग:http://naidakhal.blogspot.com/
  • http://asuvidha.blogspot.com
सदस्य संयोजन समिति,कविता समय
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