'इलाहाबाद समझौता' साझा घोषणा पत्र जारी - अपनी माटी 'ISSN 2322-0724 Apni Maati'

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'इलाहाबाद समझौता' साझा घोषणा पत्र जारी


उदयपुर 
सरहदे सब फसील ए-बर्लिन है, सरहदों का पता न होगा कोई, वामिक जौनपुरी ने कुछ इसी फलसफे के साथ भारत-पाक प्रतिनिधियों का साझा अधिवेशन का समापन हुआ। इस दौरान प्रतिनिधियों ने इलाहाबाद समझौता नाम से एक साझा घोषणा पत्र जारी किया जिसमें दोनो देशों के बीच वीजा नियामों में छूट के साथ ही मजदूर, महिला सशक्तिकरण, पूंजीवाद का विरोध जैसे अन्य संकल्प पातिर किये गये। दोनो देशों के प्रतिनिधियों की साझा कमेटी भी बनाने की बात तय हुयी। इसके बाद शाम को पाकिस्तानी कलाकारों ने आकार्षक सांस्कृति कार्यक्रम पेश करके समापन सत्र को याद्गार बना दिया। 

पाकिस्तान - भारत पीपुल्स फोरम फॉर पीस एण्ड डेमोक्रेसी के यूपी चैप्टर के बैनर तले आठवे साझे अधिवेशन के दौरान सेंट जोसेफ कॉलेज स्रभागार में दोनो देशों के प्रतिनिधियों ने अमन और लोकतन्त्र की बेहतरी के लिए दो दर्जन से अधिक मुद्दो पर सहमति जतायी।  घोषणा पत्र में दोनो देशों के मजदूर आन्दोलन एवं महिला सशक्तिकरण आन्दोलनों का समर्थन करते हुये इसको लेकर कानून बनने की मांग की गयी। इसके अलावा नवउदारीकरण का विराध करते हुये फोरम ने ऐसे माडल की हिमायत की जिससे पर्यावरण के साथ ही समाज को बजारू व्यवस्था के हवाले होने से बचाया जा सके। घोषणा पत्र के जरियें प्रतिनिधियों ने दोनों ही देशों में बढ़ रही धार्मिक, वर्गीय, जातीय कट्टरता पर भी चिन्ता जाहिर की और इसके विरोध में संकल्प पारित किया। घोषणा पत्र के जरियें दोनो देशों के प्रतिनिधियों की एक साझा कमेटी बनाने की बात तय हुयी जिसने इसकी व्यापक तौर पर निगरानी हो सके। कुछ प्रतिनिधियों ने दोनो देशों में मीड़िया को और अधिक आजादी के साथ काम करने की छूट देने की वकालत की। 

जाने-माने अर्थशास्त्री एवं महानरेगा के कल्पनाकार प्रो. ज्यां द्रेज ने दक्षिण एशिया में मानव सुरक्षा एवं शान्ति विषय पर बोलते हुये हथियारों की बढ़ती होड़ पर चिन्ता जाहिर की। उन्होने कहा कि जिस तरह से दक्षिण पश्चिम देशों में इनकी होड़ बढ़ रही है। उससे आने वाले समय के सम्भाविक विध्वंस को आसानी से समझा जा सकता है। उन्होने भी इससे बचने के लिए मैत्रीय को आसान रास्ता बताया। शाम को कार्यक्रम का समापन पाकिस्तान के प्रतिनिधियों की और सेप्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरियें हुआ। इनमें पाकिस्तान से आये 250 मेहमानों में मोहम्मद फायज रजा, रवीश नदीम, यूपी चैप्टर के सचिव जफर बख्त, उमेश नारायण शर्मा, फादर लुईस मैसकरहेन्स, अध्यक्ष रविकिरन जैन, पाक फॉरम के संरक्षक जिया उल हक, डॉ. मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट के सचिव नन्द किशोर शर्मा, भारत-पाक फोरम के राष्टीय प्रतिनिधि अब्दुल अजिज खान, उदयपुर के जाकीर हुसैन तथा शमीम अहमद ने भाग लिया तीन दिवसीय सम्मेलन का समापन नववर्ष की पूर्व संध्या पर हुआ। 



योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-

नंद किशोर शर्मा

मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट सचिव
संपर्क सूत्र :-0294&3294658, 2410110 ,
msmmtrust@gmail.com,

और नितेश सिंह कच्छावा
कार्यालय प्रशासक
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