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झीलों में ईको जोन का निर्धारण किया जाना जरूरी है।

Written By 'अपनी माटी' मासिक ई-पत्रिका (www.ApniMaati.com) on शुक्रवार, फ़रवरी 03, 2012 | शुक्रवार, फ़रवरी 03, 2012


उदयपुर
पर्यटन व्यवसाय का विकास व निरंतरता के लियें झीलों, तालाबों (वेट वैण्डस) को सुरक्षित, संरक्षित और सुन्दर बनाये रखना पर्यटन उद्योग का दायित्व है। उक्त विचार डॉ. मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट व झील संरक्षण समिति के साझे में आयोजित संवाद में व्यक्त किये गये। विश्व वेट लेण्ड डे के अवसर पर आयोजित संवाद में झील संरक्षण समिति के सचिव डॉ. तेजराजदान ने कहा कि झीलों एवं जल स्त्रोतों पर आने वाले पर्यटक पान का मितव्ययता से उपयोग करे तथा पानी को प्रदुषित नही करें यह दायित्व पर्यटन उद्योग का है। 

पर्यावरणविद् अनिल मेहता ने कहा कि झीलों में मोटर बोट के उपयोग से झीलों में रहने वाले पक्षियों के प्राकृतिक आवास एवं प्रजनन प्रभावित होता है।अतः झीलों में ईको जोन का निर्धारण किया जाना जरूरी है। 
ट्रस्ट सचिव नन्द किशोर शर्मा ने कहा कि रंग सागर, कुम्हारिया तालाब तथा फतेसागर स्थित उपला तालाब सहित रूप सागर, नैला, जोगी का तालाब, पुरोहितों का तालाब एवं अन्य समस्य छोटी झीलों को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिय राज्य सरकार के पर्यटक विभाग को पहल करनी चाहिये। ट्यूरिष्ट एसोसिशन  के पूर्व अध्यक्ष मनीष गलुंडिया ने कहा कि पर्यटन उद्योग झीलों तालाबों के स्वच्छ रखने व इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने को कटिबंध है।

गलुंडिया ने कहा कि पर्यटन उद्योग की प्रगति तथ झीलों का संरक्षण हमारा उद्देश्य है। पक्षी विशेषज्ञ डॉ. सतीश शर्मा ने कहा कि वेटलेण्डस के संरक्षण से ही पक्षियों तथा जनवरों को बचाया जा सकेगा। प्राकृति सन्तुलन को बनाये रखने में पक्षियों तथा जलचरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। चांदपोल नागरिक समिति के तेजशंकर पालीवाल तथा झील हितेषी नागरिक मंच के हाजी सरदार मोहम्मद ने वेट लैण्डस पर अतिक्रमण तथा सीवरेज का झीलों में हो रहे निरन्तर प्रवाह पर चिन्ता व्यक्त करते हुये कहा कि इससे वेट लैण्डस खत्म हो जायेंगी तथा पर्यटन उद्योग संकट गस्त हो जायेगा। संवाद की अध्यक्षता करते हुये ट्रस्ट अध्यक्ष विजय एस. मेहता ने कहा कि वेट लैण्ड्स के संवरक्ष के बीना गुणवत्ता युक्त पानी की बात बैमानी है। मेहता ने झीलों के जल प्रवाह मार्ग को बाधा रहित बनाने पर भी जोर दिया । संवाद का संयोजन अनिल मेहता एवं मैंने किया। 


योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-


नंद किशोर शर्मा
मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट सचिव
संपर्क सूत्र :-0294&3294658, 2410110 ,
msmmtrust@gmail.com,
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