कुछ शब्द,शब्दकोश में ही क्यों रह गए हैं? - अपनी माटी ई-पत्रिका

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

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कुछ शब्द,शब्दकोश में ही क्यों रह गए हैं?

ईमानदारी, निर्लोभ, सादगी, सत्यता, परोपकार, सहायता, सेवा, सम्मान, सदाचार ये शब्द मात्र शब्द कोश में ही क्यों रह गए हैं? संस्कार, संस्कृति, नैतिकता, जीवन मूल्य कहां खो गए? बच्चा गर्दन हिलाता है, स्माइल देता है, पर हाथ नहीं जोड़ता, पैर नहीं छूता, प्रणाम नहीं करता, ‘आशीर्वाद‘ क्या है, उसे नहीं पता?दीपावली में लक्ष्मी पूजन के पश्चात, होली की शाम को, जन्मदिन पर तिलक के पश्चात् अम्मा-बाबूजी के पैर छूते थे, झोली भरकर आशीर्वाद मिलता था। आज केक काटने के बाद तालियां बजती हैं, हाथ मिलाए जाते हैं, पर सिर पर आशीर्वाद का हाथ नहीं रखा जाता।

जीवन की दौड़ में, सब कुछ पाने की होड़ में शायद कुछ पाया है, फाइलों में डिग्री, कार्यालय में पोस्ट पद, लेपटॉप, मोबाइल, गहने-शेयर, लॉकर, बोन्ड फ्लेट, पर बहुत कुछ खोया है, आरती, प्रसाद, जन्मदिन पर मिला पांच रूपए का नोट, दादी की मिश्री, नानी के लड्डू, मौसी की साड़ी सब छिन सा गया है। 20-30-40 वर्ष पहले साहित्यकार को पत्र लिखते थे, पोस्टकार्ड पर आशीर्वाद मिलता था, आज 500-1000 रू. सहयोग राशि देकर खरीदा हुआ सम्मान, प्रशस्ति पत्र, शाल वाला फोटो मात्र फेसबुक पर डालने के लिए है।

गिलास आधा खाली है, पर सुबह का भूला शाम को घर लौट आए तो उसे भूला हुआ नहीं कहते, नई पीढ़ी को संस्कारित करना कर्तव्य है, आवश्यकता है, स्कूल की प्रार्थना में नैतिकता व संस्कार शिक्षा के लिए पांच मिनिट जोड़े जा सकते हैं। बर्थ डे पर एक टीका किया जा सकता है। मन्दिर का प्रसाद गांव के स्कूल के निर्धन बच्चों में वितरित किया जा सकता है, गर्मी की छुट्टी में हिल स्टेशन जाने की अपेक्षा गांव के बाबूजी का मोतियाबिन्द का ऑपरेशन करवाया जा सकता है, गर्मी में प्याऊ पर चार मटके दिए जा सकते हैं, जींस टाप वाली बहू की अपेक्षा सिर पर साड़ी का आंचल निश्चय ही नई पीढ़ी को संस्कार का पाठ स्वतः ही पढ़ा देगा।संकल्प करें कि संस्कार के गिलास को पूरा ही नहीं भरेंगे, छलकाऐंगे भी, उच्छृंखलता, अनुशासन हीनता के अंधेरे में सुसंस्कार का एक दीप जलाऐंगे, सकारात्मक दृष्टिकोण हो तो जीवन चाहे सफल नहीं हो, सार्थक अवश्य ही होगा। इति.-
 योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-



दिलीप भाटिया
7 घ 12, जवाहर नगर,जयपुर- 302004 (राजस्थान)
मोबाइल- 09461591498

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