Latest Article :
Home » , , , » '' कहानी सर्वप्रथम एक कलाकृति है उसके बाद और कुछ''-पल्लव

'' कहानी सर्वप्रथम एक कलाकृति है उसके बाद और कुछ''-पल्लव

Written By 'अपनी माटी' मासिक ई-पत्रिका (www.ApniMaati.com) on सोमवार, मार्च 26, 2012 | सोमवार, मार्च 26, 2012


पल्लव
युवा आलोचक और 'बनास जन' पत्रिका 
के सम्पादक हैं.
वर्तमान में हिंदी विभाग,
हिन्दू कोलेज
में सहायक आचार्य हैं.
मूल रूप से चित्तौड़ के हैं 
अब दिल्ली जा बसे हैं.
उनका पता है:-

फ्लेट . 393 डी.डी..
ब्लाक सी एंड डी
कनिष्क अपार्टमेन्ट
शालीमार बाग़
नई दिल्ली-110088
 मेल pallavkidak@gmail.com
कहानी की आलोचना अपेक्षाकृत समृद्ध नहीं रही है. यह भी माना जाता है कि नयी कहानी के बाद कहानी में ऐसे उर्वर स्थिति आई ही नहीं कि कोई बड़ी आलोचना संभव हो पाती. यह अतिरंजना है जिसे तोड़ा जाना चाहिए. युवा आलोचक पल्लव की आलोचना को लेकर ये पहली किताब है ' कहानी का लोकतंत्र' जो आधार प्रकाशन से हाल में आयी है.जिसके कुछ अंश आप रविवार नामक वेबपोर्टल पर पढ़ सकते हैं. 
Share this article :

0 comments:

Speak up your mind

Tell us what you're thinking... !

'अपनी माटी' का 'किसान विशेषांक'


संस्थापक:माणिक

संस्थापक:माणिक
अपनी माटी ई-पत्रिका

सम्पादक:जितेन्द्र यादव

सम्पादक:जितेन्द्र यादव
अपनी माटी ई-पत्रिका

सह सम्पादक:सौरभ कुमार

सह सम्पादक:सौरभ कुमार
अपनी माटी ई-पत्रिका

यहाँ आपका स्वागत है



यहाँ क्लिक करके हमारी डाक नि:शुल्क पाएं

Donate Apni Maati

रचनाएं यहाँ खोजिएगा

हमारे पाठक साथी

सम्पादक मंडल

साहित्य-संस्कृति की त्रैमासिक ई-पत्रिका
'अपनी माटी'
========
प्रधान सम्पादक
सम्पादक
सह सम्पादक
तकनिकी प्रबंधक
========
संपर्क
apnimaati.com@gmail.com
========

ऑनलाइन

Donate Us

 
Template Design by Creating Website Published by Mas Template