'' कहानी सर्वप्रथम एक कलाकृति है उसके बाद और कुछ''-पल्लव - अपनी माटी Apni Maati

India's Leading Hindi E-Magazine भारत की प्रसिद्द साहित्यिक ई-पत्रिका ('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

नवीनतम रचना

'' कहानी सर्वप्रथम एक कलाकृति है उसके बाद और कुछ''-पल्लव


पल्लव
युवा आलोचक और 'बनास जन' पत्रिका 
के सम्पादक हैं.
वर्तमान में हिंदी विभाग,
हिन्दू कोलेज
में सहायक आचार्य हैं.
मूल रूप से चित्तौड़ के हैं 
अब दिल्ली जा बसे हैं.
उनका पता है:-

फ्लेट . 393 डी.डी..
ब्लाक सी एंड डी
कनिष्क अपार्टमेन्ट
शालीमार बाग़
नई दिल्ली-110088
 मेल pallavkidak@gmail.com
कहानी की आलोचना अपेक्षाकृत समृद्ध नहीं रही है. यह भी माना जाता है कि नयी कहानी के बाद कहानी में ऐसे उर्वर स्थिति आई ही नहीं कि कोई बड़ी आलोचना संभव हो पाती. यह अतिरंजना है जिसे तोड़ा जाना चाहिए. युवा आलोचक पल्लव की आलोचना को लेकर ये पहली किताब है ' कहानी का लोकतंत्र' जो आधार प्रकाशन से हाल में आयी है.जिसके कुछ अंश आप रविवार नामक वेबपोर्टल पर पढ़ सकते हैं. 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

Responsive Ads Here