आज कल के चेले सीधे कंधे पर हाथ धरते हैं - अपनी माटी Apni Maati

India's Leading Hindi E-Magazine भारत की प्रसिद्द साहित्यिक ई-पत्रिका ('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

नवीनतम रचना

आज कल के चेले सीधे कंधे पर हाथ धरते हैं

पंडित राम मोहन महाराज से माणिक की बातचीत 

पं. राममोहन महाराज 
कभी आकाशवाणी चित्तौड़ के लिए एक इंटरव्यू पंडित राम मोहन महाराज जी से हुई.आज लगा कि हमारे इस विकट समय में पुराने दौर की वे ही कुछ बातें फिर से चर्चा में लानी ज़रूरी लगी.सो ये बातचीत यहाँ प्रसारित कर रहे हैं.बाकी जानकारी हेतु पंडित जी की वेबसाईट का पता ये रहा 

  1. कथक की दुनिया में पहचाना हुआ नाम.
  2. घरानेदार नर्तक.राम मोहन महाराज.
  3. स्वर्गीय पंडित शम्भू महाराज जी के बेटे
  4. दिल्ली में कथक सिखाते महाराज जी 
  5.  लखनऊ घराने के एक हस्ताक्षर
कृपया ऑडियो सुनने के लिए इस लाल रंग के बटन पर क्लिक करिएगा.




माणिक
इतिहास में स्नातकोत्तर.बाद के सालों में बी.एड./ वर्तमान में राजस्थान सरकार के पंचायतीराज विभाग में अध्यापक हैं.'अपनी माटी' वेबपत्रिका पूर्व सम्पादक है,साथ ही आकाशवाणी चित्तौड़ के ऍफ़.एम्. 'मीरा' चैनल के लिए पिछले पांच सालों से बतौर नैमित्तिक उदघोषक प्रसारित हो रहे हैं.उनकी कवितायेँ आदि उनके ब्लॉग 'माणिकनामा' पर पढी जा सकती है.

मन बहलाने के लिए चित्तौड़ के युवा संस्कृतिकर्मी कह लो.सालों स्पिक मैके नामक सांकृतिक आन्दोलन की राजस्थान इकाई में प्रमुख दायित्व पर रहे.आजकल सभी दायित्वों से मुक्त पढ़ने-लिखने में लगे हैं.वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय,कोटा से हिन्दी में स्नातकोत्तर कर रहे हैं.किसी भी पत्र-पत्रिका में छपे नहीं है.अब तक कोई भी सम्मान.अवार्ड से नवाजे नहीं गए हैं.कुल मिलाकर मामूली आदमी है.

1 टिप्पणी:

ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

Responsive Ads Here