महात्मा गांधी को समर्पित अशोक जमनानी की ये सम्पादकीय - अपनी माटी 'ISSN 2322-0724 Apni Maati'

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित ई-पत्रिका

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महात्मा गांधी को समर्पित अशोक जमनानी की ये सम्पादकीय


श्रद्धांजलि

चलो चिल्लाते हुए बात करें
शांति की
खंज़र पर लगा हुआ
रक्त लेकर लिखें
अहिंसा
किसी बेबस दलित कन्या को
माध्यम बनाकर दूर करें
अस्पृश्यता
सीना ठोककर स्वीकार करें घोटालों को
ताकि स्थापित हो
सत्य
और हाँ !
बोतल लेकर जरूर रख लेना आज ही 
कल बंद रहेगी दुकान
किसी गाँधी के कारण .....


2 टिप्‍पणियां:

  1. वर्तमान का एक सच ..
    बापू को नमन

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  2. सामाजिक जीवन के यतार्थ को रख दिया हैं खोलकर । अब सच तो सुबक रहा हैं । गांधी की रोज हत्‍या होती है और शहादत के नाम पर सन्‍द लोग चांदी कमाते हैं ।

    उत्तर देंहटाएं

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