राजस्थान साहित्य अकादमी द्वारा 55 पांडुलिपियों सहयोग स्वीकृत - अपनी माटी ई-पत्रिका

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

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राजस्थान साहित्य अकादमी द्वारा 55 पांडुलिपियों सहयोग स्वीकृत

उदयपुर/31 दिसम्बर:

राजस्थान साहित्य अकादमी की ‘पांडुलिपि प्रकाशन सहयोग’ योजनान्तर्गत इस वर्ष 55 पांडुलिपियों पर उनके लेखकों को कुल 5.85 लाख रु. का प्रकाशन सहयोग स्वीकृत किया गया है। अकादमी अध्यक्ष वेद व्यास ने अवगत कराया कि इस वर्ष 55 पांडुलिपियों पर 5.85 लाख रु. का सहयोग स्वीकृत किया है। 

  1. मन कहता है(सुश्री सुमन गौड़, वनस्थली),
  2. कवि संध्या (श्री दीप मेहरोत्रा, जयपुर),
  3.  .... मगर देख रहा हूं (श्री असद अली ‘असद’,बीकानेर),
  4. नटखट नन्ही (श्रीमती सुधा कुलश्रेष्ठ, जयपुर),
  5. सतरंगी आकाश(श्रीमती शहनाज़ फातमा, टोंक), 
  6. हे मनु! (श्रीमती मधु आचार्य, बीकानेर), 
  7. अंधेरे का दरख्त (श्री गोकुल गोस्वामी, जयपुर) 


प्रत्येक को 15000-15000 रु. का सहयोग स्वीकृत किया गया है । 
                 
  1. कविता (डॉ. नटवर लाल माथुर, जोधपुर), 
  2. सूर्पणखा (श्री ओम प्रकाश गर्ग,  बाड़मेर),
  3. थोड़ी सी रोशनी के लिए (श्री इस्माईल निसार, डूंगरपुर) ,
  4. अंजुरी भर प्रीति(श्रीमती रजनी मोरवाल, जयपुर),
  5. वन स्पंदन(डॉ. राधिका लढ्ढा, उदयपुर),
  6. गहरे घाव(श्री अब्दुल समद राही, सोजत सिटी),
  7. कब कहता है सूरज मुझको देखो(डॉ. रामावतार शर्मा, अलवर),
  8. मन मुक्तक(श्रीमती किरण बाला जीनगर, उदयपुर),
  9. नुमाईश-ए-ग़ज़ल(श्री प्रताप चन्द्र, बाड़मेर),
  10. लोग मिले हैं(श्री बनवारी लाल खामोश, चूरू ),
  11. कल्पवृक्ष(श्री हेमन्त गुप्ता, कोटा),
  12. कवि होने की जिद में(डॉ. सत्यनारायण सोनी, परलीका),
  13. पलाश की पाती पर (श्री घनश्याम सिंह भाटी, बाँसवाड़ा),
  14. दौर-ए-हालात(श्री आनन्द वि. आचार्य, बीकानेर), 
  15. घूंघट से झांकती शायरी(श्रीमती मुन्नी शर्मा, अजमेर),
  16. हँसो भी ... हँसाओं भी (श्री हलीम आईना, कोटा),
  17. तपती रेत पर(श्रीमती अलका भटनागर, जयपुर), 
  18. मैं अभी कहां बोला(श्री जा़किर अदीब, बीकानेर),
  19. पता नहीं ..........(डॉ. कैलाश मण्डेला, शाहपुरा),
  20. एक शिव के दो परिणाम(श्रीमती अर्चना बंसल, भरतपुर),
  21. हरी हरी खुशबू और काली गौरैया(श्रीमती मोनिका गौड़, बीकानेर),
  22.  फूल भी, कुछ शूल भी(श्री खुर्शीद नवाब, उदयपुर), 
  23. झर झर निर्झर(श्रीमती किरण राजपुरोहित, जोधपुर),
  24. शाम फिर क्यूं उदास है दोस्त(डॉ. कुमार गणेश, जयपुर),
  25. जिन्दगी तुम(डॉ. वीणा अग्रवाल, कोटा),
  26. मेरे हिस्से की धूप(श्री भारती, सीकर),
  27. अभी बस इतना(श्री आनन्द विद्यार्थी, जयपुर), 
  28. मासूम ख्वाहिशें(श्रीमती स्वाति, कोटा),
  29. बीते दिनों के छूटे पन्ने (श्री लोकेश शुक्ल, जयपुर), 
  30. भीड़ में तन्हाइयाँ(डॉ. रमेश अग्रवाल, अजमेर),
  31. उठती उर्मियां(श्रीमती कुमुद पोरवाल, उदयपुर),
  32. झरोखे झाँकते बादल(श्रीमती मनोरमा शर्मा, जयपुर), 
  33. लिखना कि जैसे आग (श्री विजय सिंह नाहटा, जयपुर), 
  34. चलते-चलते(डॉ. राजेन्द्र तेला, अजमेर),
  35. अनहदनाद (कु. पुष्पा गोस्वामी, जयपुर),
  36.  एक रुका हुआ फैसला(श्रीमती प्रेम कोमल बूलियां, उदयपुर),
  37.  एक समंदर रेत का (श्री अब्दुल रशीद, उदयपुर), 
  38. बहू की खुशी एवं अन्य कहानियाँ(डॉ. करुणा दशोरा, उदयपुर),
  39. उन्हा-थ्री तथा अन्य कहानियाँ(डॉ. संदीप अवस्थी, अजमेर),
  40.  एक भूल (श्रीमती मधु खण्डेलवाल, अजमेर),
  41. शिक्षाप्रद मनोरंजक कहानियां(श्री नारायणसिंह सिसोदिया, पाली),
  42. मिट्टी की दीवार (श्री प्रभात, सवाई माधोपुर),
  43. मार्निंगवाक (श्री पुरुषोत्तम पंचोली, कोटा),
  44. आधा आकाश (श्री रणवीर सिंह राही, जयपुर), 
  45. मंथन की बूंदें (श्री तन्मय पालीवाल, नाथद्वारा),
  46. भारत में नाट्य विकास(श्री ओम जोशी, बाड़मेर),
  47. शब्दों में डूबने का आनन्द(डॉ. गोविन्द शंकर शर्मा, जयपुर),
  48. फिर कभी बतलायेंगे (श्री माधव नागदा, राजसमन्द),


प्रत्येक पांडुलिपि पर 10000-10000 रु. का सहयोग स्वीकृत किया गया है।

डॉ. प्रमोद भट्ट
सचिव
राजस्थान साहित्य अकादेमी,
सेक्टर-4,हिरन मगरी,उदयपुर-313002
दूरभाष-0294-2461717
वेबसाईट-http://rsaudr.org/index.php
ईमेल-sahityaacademy@yahoo.com                     

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