'शीतल वाणी' का अगला अंक कवि-आलोचक विश्‍वनाथ प्रसाद तिवारी पर - अपनी माटी 'ISSN 2322-0724 Apni Maati'

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित ई-पत्रिका

नवीनतम रचना

'शीतल वाणी' का अगला अंक कवि-आलोचक विश्‍वनाथ प्रसाद तिवारी पर


 विश्‍वनाथ प्रसाद तिवारी 
का एक परिचय 
उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान का 
हिंदी गौरव सम्मान 2007

उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान का 

साहित्य भूषण सम्मान 2000

भारत मित्र संगठन मास्को, रूस का 

पूश्किन सम्मान 2003

दस्तावेज पत्रिका को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान
द्वारा 1988 और 1995 का 

सरस्वती सम्मान

उत्तर प्रदेश सरकार का 

शिक्षक श्री सम्मान 2008

अनेक पुस्तकें हिंदी संस्थान उत्तर प्रदेश द्वारा पुरस्कृत। 


गोरखपुर से प्रकाशित
दस्तावेज
 त्रैमासिक पत्रिका का 1978 से संपादन। 

 अब तक प्रकाशित पुस्तकें
11 शोध एवं आलोचना ग्रंथ
16 पुस्तकों का संपादन 
2 यात्रा संस्मरण
1 लेखकों के संस्मरण
1 साक्षात्कार 

7 कविता संग्रह प्रकाशित
शीतल वाणी के द्वारा जानेमाने कथाकार उदयप्रकाश पर केन्द्रित अंक की सफलता के बाद अब नया अंक  विश्‍वनाथ प्रसाद तिवारी जी पर आने वाला है।

हिंदी के सुपरिचित कवि-आलोचक विश्‍वनाथ प्रसाद तिवारी को कौन नहीं जानता।1940 में कुशीनगर,उत्‍तर प्रदेश में जन्‍मे तिवारी जी के अब तक कविता, आलोचना, यात्रा संस्‍मरण तथा संस्‍मरण विधाओं में अनेक पुस्‍तकें प्रकाशित हैं।हाल ही में अज्ञेय सहचर के अलावा साहित्‍य अकादेमी से अज्ञेय के पत्रों का संपादन उन्‍होंने किया है। गद्य के प्रतिमान के दूसरे खंड के रूप में एक नई पुस्‍तक किताबघर से हाल ही में आई है। 

यूरोप और अमेरिका में भारतीय मन ज्ञानपीठ से आयी संस्‍मरणात्‍मक यायावरी की अनूठी किताब है। इसके अलावा बीस से ज्‍यादा कृतियॉं उन्‍होंने संपादित की हैं।व्‍यापक लेखक समाज में अपनी सुजनता और समावेशी शख्‍सियत के नाते उनकी स्‍वीकार्यता हिंदी के उदारचेता लेखक के रूप में मान्‍य है। शीतल वाणी(सं.डॉ.वीरेन्‍द्र आजम) अपना अगला अंक उन पर केंद्रित कर रही है। सुधी लेखकों से उन पर सुगठित लेख आमंत्रित हैं। लेख 31 दिसंबर,2012 तक निम्‍न पते पर या मेल पर भेजे जा सकते है।


डॉ वीरेन्द्र आजम
सम्पादक शीतल वाणी , 
2C / 755 पत्रकार लेन 
प्रद्युमन नगर मल्हीपुर रोड सहारनपुर
247001 (u p ) भेजें ! मोबाइल नंबर 09412131404 है।

1 टिप्पणी:

  1. मानिक जी, यह शीतलवाणी का अच्‍छा कदम है। आप तिवारी जी के परिचय में यह और जोड़ दें: 7 कविता संग्रह प्रकाशित।

    उत्तर देंहटाएं

ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

Responsive Ads Here