युवा उपन्यासकार अशोक जमनानी सत्रह को चित्तौड़ में - अपनी माटी

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सोमवार, फ़रवरी 11, 2013

युवा उपन्यासकार अशोक जमनानी सत्रह को चित्तौड़ में

प्रेस विज्ञप्ति 
अपनी माटी की संगोष्ठी सत्रह को
चित्तौड़गढ़ 11 फरवरी,2013

साहित्य और संस्कृति की ई-पत्रिका अपनी माटी द्वारा आगामी सत्रह फरवरी को चित्तौड़गढ़ में एक संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है।संगोष्ठी में मुख्य रूप से युवा उपन्यासकार अशोक जमनानी शिरकत करेंगे।गौरतलब है कि अशोक जमनानी का नया उपन्यास खम्मा भी हाल ही में प्रकाशित हुआ है और इसकी पृष्ठभूमि में हाशिये के लोगों में शुमार राजस्थान के मांगनियार कलाकार हैं। वे कहानी के माध्यम से महलों और झूंपड़ों  के बीच की दूरी पाटने का हल देने की कोशिश करते नज़र आते हैं। सेन्ट्रल अकादमी सीनियर स्कूल में शाम चार बजे आयोज्य इसी समारोह में खम्मा का विमोचन होगा। अतिथि के रूप में कवि और युवा कथाकार योगेश कानवा और स्पिक मैके सलाहकार हरीश लड्ढा रहेंगे वहीं अपनी माटी के इतिहास और योजनाओं पर पर सम्पादन मंडल सलाहकार डॉ ए एल जैन विचार रखेंगे।



संगोष्ठी का विषय उपन्यास परम्परा और हाशिये के लोग रहेगा। आमंत्रित वक्ताओं में जहां बीज वक्तव्य युवा विचारक डॉ रेणु व्यास देगी वहीं ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा जूठन पर युवा समीक्षक डॉ कनक जैन, शिवमूर्ति के उपन्यास तर्पण पर हिन्दी प्राध्यापक डॉ राजेश चौधरी, खम्मा पर युवा आलोचक डॉ राजेन्द्र कुमार सिंघवी समीक्षात्मक टिप्पणियाँ देंगे।बाद के सत्र में अशोक जमनानी अपने उपन्यास के अंश पढ़ेंगे और पाठकों के साथ संवाद भी करेंगे। अंत में कवि और समालोचक डॉ सत्यनारायण व्यास समग्र वक्तव्य देंगे। संगोष्ठी के सूत्रधार जेसीज क्लब सचिव अश्लेश दशोरा, विकास अग्रवाल, शोधार्थी प्रवीण कुमार जोशी, शेखर चंगेरिया, युवा कवयित्री कृष्णा सिन्हा, स्वतंत्र लेखक नटवर त्रिपाठी और राजस्थानी रचनाकार जयसिंह राजपुरोहित रहेंगे।

माणिक
आयोजन संयोजक
चित्तौड़गढ़ चित्तौड़गढ़ 

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