अंतर्राष्ट्रीय हिंदी उत्सव:हिंदी और प्रोद्योगिकी - अपनी माटी ई-पत्रिका

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी उत्सव:हिंदी और प्रोद्योगिकी


पिछले  10   वर्षों की तरह इस वर्ष भी भारतीय सांस्कृतिक परिषद  विदेश  मंत्रालय और   प्रवासी दुनिया के  तत्वावधान में   अक्षरम द्वारा  अंतर्राष्ट्रीय हिंदी उत्सव आयोजित किया जा रहा है,   जो कि प्रतिवर्ष  किया जाने वाला हिंदी  का सबसे बड़ा गैर-सरकारी वैश्विक आयोजन है।     इसमें 15 से अधिक देशों के हिंदी के प्रसिद्ध विद्वान ,  साहित्यकार,  राजदूत,  राजनयिकसरकारी अधिकारीबुद्धिजीवी,  प्रवासी साहित्यकारपत्रकाररंगकर्मी आदि  भाग लेते हैं। इस बार के  सम्मेलन में चार प्रमुख सत्र रहेंगे – 

1.उद्घाटन व हिंदी के समक्ष चुनौतियां,   
2.हिंदी और प्रौद्योगिकी नए आयाम,      
3.भाषा साहित्यशिक्षण और संस्कृति– वैश्विक परिप्रेक्ष्य     
4 .प्रसिद्ध रचनाकारों द्वारा रचना पाठ  एवं विशेष प्रस्तुतियां ।

प्रतिवर्ष की तरह  इस वर्ष भी सायंकालीन सत्र में कवि सम्मेलन,  सम्मान समारोह विवेकानंद पर  नाट्य प्रस्तुति व  सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण रहेंगे।इस वर्ष के सम्मेलन का थीम हिंदी और प्रोद्योगिकी रहेगी। लेखक से मुलाकात कार्यक्रम के अंतर्गत इसवर्ष की ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता श्रीमती प्रतिभा राय से मुलाकात का कार्यक्रम है। सम्मेलन में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR ) के  ड़ा कर्णसिंह,  सुरेश गोयलसाहित्य अकादमी के    उपाध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद तिवारीडॉ. प्रभाकर श्रोत्रियडॉ.सत्येन्द्र श्रीवास्तव,मदन लाल मधु,  असगर वजाहतटी.एन.चतुर्वेदी,   श्रीमती सविता सिंह,  कुंवर बैचेन,  चित्रा मूद्गगल, अशोक चक्रधरहरी जोशीपंकज सुबीर, उर्मिला शिरीष सहित कई प्रतिष्ठित साहित्यकार विद्वान गरिमा बढ़ाएंगे ।  

विदेशों से रूस के भारत में सांस्कृतिक काऊंसलर  दिमित्र चैलिशौव,  जापान के प्रोफेसर इशेदा, ओसाका विश्वविद्यालय के डॉ.चैतन्य प्रकाशरूस के मदनलाल मधु अमेरिका की  श्रीमती कुसुम व्यास और  श्रीमती सुदर्शना प्रियदर्शनीब्रिटेन से डॉ.अंजनी कुमारके.बी.एल सक्सेनाश्रीमती सुलेखा चोपलाकनाडॉ की श्रीमती स्नेह ठाकुर सहित विभिन्न साहित्यकार/विद्वान कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएंगे। इस वर्ष का कवि सम्मेलन गोपाल सिंह नेपाली जी की स्मृति में होगा। इसी प्रकार उद्घाटन सत्र अंतर्राष्ट्रीय रामायण सम्मेलनों के  सूत्रधार स्वर्गीय लल्लन प्रसाद व्यास को समर्पित होगा।  इसके साथ ही इस अवसर पर प्रवासी साहित्य पर एक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा।इस उत्सव में हिंदी के शीर्ष व्यक्तित्व टी.एन.चतुर्वेदी सहित अमेरिकाब्रिटेन के प्रवासी साहित्यकारों/विद्वानों सहित देश-विदेश के प्रमुख 10 हिंदी साहित्यकारोंसेवियों का सम्मान किया जाएगा।

           दिल्ली में11 वां अंतरराष्ट्रीय हिंदी उत्सव 9-10 फरवरी 2013


सादर,
सरोज शर्मा 
प्रबंध संपादक, प्रवासी दुनिया.कॉम

M-09899552099
M-09899935938

1 टिप्पणी:

  1. बड़ा ही अजीब है!
    थीम हिंदी प्रौद्योगिकी पर है, परंतु हिंदी प्रौद्योगिकी से जुड़ा कोई भी, प्रमुख की बात तो छोड़िये, अदना सा नाम भी नहीं है! सभी साहित्यकार ही दिख रहे हैं. हद है!

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