अब्दुल ज़ब्बार का प्रतिनिधि गीत 'निर्मल नीर गंगा का' - अपनी माटी

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शनिवार, फ़रवरी 09, 2013

अब्दुल ज़ब्बार का प्रतिनिधि गीत 'निर्मल नीर गंगा का'

                          यह सामग्री पहली बार में ही 'अपनी माटी डॉट कॉम' पर ही प्रकाशित हो रही है।


अब्दुल ज़ब्बार,चित्तौड़ की धरती का एक हस्ताक्षर जो लाल किले से लेकर देशभर में अपने गीतों के कारण पहचाना गया नाम है।गंगाजल जैसी प्रतिनिधि कविता के रचनाकार ने श्रोताओं को खूब सारे प्रधान गीत दिए हैं।गोष्ठियों के साथ बड़े मंचों पर कविता पढ़ने के आदि अब्दुल ज़ब्बार चित्तौड़ की लगभग सभी संस्थाओं में भाईचारे के लिए जानेजाते हैं।गंगा- तहजीब का एक अच्छा उदाहरण हैं अब्दुल ज़ब्बार।किसी ज़माने में राजस्थान सरकार में  रहे जाबार साहेब सादगी संपन्न इंसान हैं।इन्हें शेरो-शायरी में भी खासी रूचि रही है।इनका संपर्क :-कुम्भा नगर बाज़ार,चित्तौड़गढ़,राजस्थान,मो-9414109181 है।


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