Latest Article :
Home » , , » ''कथ्य, शिल्प और भाषा की ताजगी ही ज्योति को नये आने वाले लेखकों में सबसे अलग करती है।''-राजेन्द्र यादव

''कथ्य, शिल्प और भाषा की ताजगी ही ज्योति को नये आने वाले लेखकों में सबसे अलग करती है।''-राजेन्द्र यादव

Written By Manik Chittorgarh on शुक्रवार, फ़रवरी 08, 2013 | शुक्रवार, फ़रवरी 08, 2013


वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित युवा कथाकार ज्योति कुमारी के पहले कहानी संग्रह 'दस्तख़त और अन्य कहानियाँका लोकार्पण विश्व पुस्तक मेले में वाणी प्रकाशन के स्टाल पर प्रख्यात साहित्यकार राजेंद्र यादवप्रख्यात आलोचक निर्मला जैनव वरिष्ठ लेखक रमेश पोखरियाल निशंकवरिष्ट कवि अशोक चक्रधरवरिष्ठ साहित्यकार मैत्री पुष्पा और जर्मनी से आये साहित्य प्रेमी डॉ अहमद वासी आदि की उपस्थिति में हुआ। वाणी प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अरुण माहेश्वरी ने लोकार्पण के संचालन में कहा कि बहुत कम उम्र में लेखिका ने जीवन के कई अनुभवों को देखाभोगा और हर स्थितयों का सामना किया है। उनका यह जीवट उनके पहले कहानी संग्रह के माध्यम से आप के सामने उपस्थित है। 

राजेन्द्र यादव ने कहा कि ज्योति की कहानियों को मैंने करीब से समझा है। इसकी कहानी अन्य कहानिकारों से भिन्न है। कथ्यशिल्प और भाषा की ताजगी ही ज्योति को नये आने वाले लेखकों में सबसे अलग करती है। वह उस नये स्त्री लेखन को सहज ही आत्मसात किये हुए है जहाँ स्त्री अपनी भाषा में सैकडों सालों के वर्जनीय क्षेत्रोंअनुभवों और आकांक्षाओं को वाणी दे रही है। अन्त में उन्होंने कहा कि निश्चय ही ज्योति सम्भावनाशील लेखिका हैजिसे अपने आपको लम्बी दौड़ के लिए तैयार करना है।
वरिष्ठ लेखक रमेश पोखरियाल निशंक ने वाणी प्रकाशन को बधाई दी और कहा कि वाणी प्रकाशन न्योदित लेखकलेखिकाओं को उभारा रहा है। जिसकी हम जितनी भी तारीफ करे कम है। वरिष्ठ लेखिका मैत्रीय पुष्पा ने कहा कि ज्योति को जरूरत है। जहाँ से उन्होंने शिक्षा पायी है। वहाँ वह इस भीड़ भरे समाज में जहाँ लेखिकाओं के प्रति कई तरह की बाते की जाती हैं। इस समाज में लेखिका को हमेशा विवाद में रखा कर खो दिया जाता है। जरूरत लेखिका इसका सामना करते हुए आगे बढ़े। राजेन्द्र यादव का वैचारिक लेखन बहुत बड़ा है। वह ज्ञान वटवृक्ष हैं। वहाँ से शिक्षा लेकर टिकना ज्योति के लिए बहुत जरूरी है।
जर्मनी से आए साहित्य प्रेमी डॉ अहमद वासीने कहा कि ज्योति की कहानी अपने आप में अनोखी है। मैं ज्यादा हिन्दी तो नहीं जानता पर इतनी छोटी आयु में ऐसा लिख पाना अपने आप में बहुत बड़ा कार्य है। मैं आशा करता हूँ कि युवा लेखिका के रिश्ते वाणी प्रकाशन से लम्बे समय तक रहेंगे।  डॉ अहमद वासी ज्योति कुमारी को उपहार और निशानी के तौर पर 1000 हज़ार रुपये भी दिए। लोकार्पण कार्यक्रम के बाद वाणी प्रकाशन ने  विविध विद्या -विविध स्वर : युवा रचना पाठ  का आयोजन शाम 6 से 7 बजे तक हुआ। इसमें लेखक यतीन्द्र मिश्र (कला/कविता)मनीष पुष्कले, (कला/कविता)विनीत कुमार (लप्रेक)मिहिर पंड्या(फिल्म)प्रियदर्शन (आलोचना) और सपनों की सपनों की मंडी की लेखिका गीताश्रीप्रभात रंजन (कहानी)अनंत विजय(आलोचना)ज्योति कुमारी(कहानी) ने अपनी विधा पर कहानी पाठ किया। इन अवसर पर अनेकानेक साहित्यकारों और पुस्तक प्रेमियों की उपस्थिति रही। 
 वाणी प्रकाशन 
Share this article :

0 comments:

Speak up your mind

Tell us what you're thinking... !

संस्थापक:माणिक

संस्थापक:माणिक
अपनी माटी ई-पत्रिका

सम्पादक:जितेन्द्र यादव

सम्पादक:जितेन्द्र यादव
अपनी माटी ई-पत्रिका

एक ज़रूरी ब्लॉग

एक ज़रूरी ब्लॉग
बसेड़ा की डायरी:माणिक

यहाँ आपका स्वागत है



ज्यादा पढ़ी गई रचना

यहाँ क्लिक करके हमारी डाक नि:शुल्क पाएं

Donate Apni Maati

रचनाएं यहाँ खोजिएगा

हमारे पाठक साथी

सम्पादक मंडल

साहित्य-संस्कृति की त्रैमासिक ई-पत्रिका
'अपनी माटी'
========
प्रधान सम्पादक
सम्पादक
सह सम्पादक
तकनिकी प्रबंधक
========
संपर्क
apnimaati.com@gmail.com
========

ऑनलाइन

Donate Us

 
Template Design by Creating Website Published by Mas Template