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राजस्थान साहित्य अकादमी:पांडुलिपि प्रकाशन और अन्य सहयोग योजनाओं में प्रविष्टियां आमंत्रित


उदयपुर/05 मार्च 

राजस्थान साहित्य अकादमी की ‘पांडुलिपि प्रकाशन सहयोग’ योजना और  अन्य सहयोग योजनाओं में वर्ष 2013-14 में प्रविष्टियां और विवरण पत्र आमंत्रित हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए अकादमी अध्यक्ष वेद व्यास ने बताया कि ‘पांडुलिपि प्रकाशन सहयोग’ योजना में साहित्यकारों से 80 पृष्ठीय पांडुलिपि कम्प्यूटराराईज्ड टंकित की हुई दो प्रतियों में आमंत्रित है।  ‘प्रकाशित ग्रंथों पर सहयोग’ योजना में गत् तीन वर्षों में प्रकाशित पुस्तक की दो प्रतियों में मुद्रण बिल के सहित प्रविष्टि की जा सकती है।  इन योजनाओं में वे ही लेखक प्रविष्टि भिजवा सकेंगे ।

जिनकी हिन्दी भाषा में 5 से कम पुस्तकें प्रकाशित हैं । जिन्हें दो बार सहयोग प्राप्त हो चुका है, वे भागीदारी नहीं कर सकेंगे। ‘साहित्यिक पत्र-पत्रिका सहयोग’ योजना में पंजीकृत और नियमित प्रकाशित हो रही साहित्यिक पत्रिकाओं की नियमानुसार प्रविष्टि करवाई जा सकती है। ‘साहित्यकार सक्रिय, संरक्षित सहयोग’ योजना में राजस्थान निवासी साहित्यकारों से नियमानुसार सहयोग हेतु प्रस्ताव आमंत्रित हैं।अकादमी कार्यालय में प्रविष्टियां भिजवाने की अंतिम तिथि 31 मई, 20013 है। उक्त योजनाओं के नियम प्रपत्र अकादमी कार्यालय और अकादमी की वेब साइट पर उपलब्ध हैं। 


डॉ. प्रमोद भट्ट
सचिव
राजस्थान साहित्य अकादेमी,
सेक्टर-4,हिरन मगरी,उदयपुर-313002
दूरभाष-0294-2461717
वेबसाईट-http://rsaudr.org/index.php
ईमेल-sahityaacademy@yahoo.com                     


2 टिप्‍पणियां:

  1. कृपया पूरा ब्यौरा दें …………पूरी बात समझ नहीं आयी कि कौन इसमे शामिल हो सकता है और कौन नहीं?

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