छायाचित्र :हेमंत शेष - अपनी माटी

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बुधवार, अक्तूबर 16, 2013

छायाचित्र :हेमंत शेष

साहित्य और संस्कृति की मासिक ई-पत्रिका 
अपनी माटी
 अक्टूबर-2013 अंक 











हेमंत शेष

(राजस्थान में प्रशासनिक 
अधिकारी रहे साथ 
ही साहित्य जगत का एक बड़ा नाम है।
लेखक,कवि और कला समीक्षक
 के नाते एक बड़ी पहचान।
इनके कविता संग्रह  'जगह जैसी जगह' 
को बिहारी सम्मान भी मिल चुका है।
अब तक लगभग तेरह पुस्तकें 
प्रकाशित हो चुकी है।
हाल के दस सालों में सात 
किताबें संपादित की है।
साथ ही
 'राजस्थान में आधुनिक कला' 
नामक 
एक किताब जल्द आने वाली है।
'कला प्रयोजन' पत्रिका के 
संस्थापक सम्पादक हैं।
सम्पर्क सूत्र
40/158,मानसरोवर,जयपुर-302002
फोन- 0141-2391933 (घर),मो:09314508026
ईमेल-hemantshesh@gmail.com


1 टिप्पणी:

  1. किसी भी गहरे काम को स्वरुप देने के हित हमें कई बार अंतर्ध्यान होना पड़ता है.इस बात को पुट देने में एक ताज़ा उदाहरण वरिष्ठ कवि हेमंत शेष का है जो अपने बहुआयामी व्यक्तित्व के साथ हमारे बीच है.इन चित्रों के सार्वजनिक होने के ठीक पहले आप फेसबुकी वर्च्युअल माध्यम से दिनों तक दूर रहे.जो समझ और विचार के साथ यह चित्र यहाँ प्रकाशित है कोई छायाकार ज्यादा ठीक से समझ सकता है-माणिक

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