बच्चे काम पर जा रहे हैं। (ज़रूरी कविताएँ)। रचनाकार:- राजेश जोशी । पाठ:-Cultural Activist Manik - अपनी माटी Apni Maati

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बच्चे काम पर जा रहे हैं। (ज़रूरी कविताएँ)। रचनाकार:- राजेश जोशी । पाठ:-Cultural Activist Manik

'ज़रूरी कविताएँ' सीरीज, जी हाँ 'अपनी माटी' के यूट्यूब टेलिकास्ट में अब एक नयी सीरीज शुरू कर रहे हैं 'ज़रूरी कविताएँ' इसमें हमारी टीम के कुछ यूट्यूबर साथी उनकी अपनी पसंद की और देश-दुनिया-समाज की बेहतरी के लिए ज़रूरी अनुभव होने वाली लोकप्रिय कविताओं को आपके सामने लाने का प्रयास करेंगे।यदि आप भी कविता पाठ में रूचि रखते हैं तो एक कविता का चयन करके हमें अपना विडियो भेजें। याद रहे विडियो भेजने से पहले कविता का चयन हमें बता दीजिएगा। बाक़ी शुक्रिया।सीरीज का पहला एपिसोड हिंदी के जानेमाने कवि राजेश जोशी जी की प्रसिद्द कविता 'बच्चे काम पर जा रहे हैं' पर केन्द्रित है। रचना का पाठ अपनी माटी यूट्यूबर टीम के साथी कल्चरल एक्टिविस्ट माणिक ने किया है। रिकोर्डिंग और सम्पादन यूट्यूबर महेंद्र नंदकिशोर और प्रांजल द्वारा 'आरोहण स्टूडियो चित्तौड़गढ़ पर पर किया गया।

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