शोध आलेख : सोशल मीडिया के लोकतंत्र में : यूट्यूब और भारत के यूट्यूबर / डॉ. प्रतिभा राणा

सोशल मीडिया के लोकतंत्र में : यूट्यूब और भारत के यूट्यूबर

-डॉ. प्रतिभा राणा


“सोशल मीडिया की क्रांति ने न सिर्फ दुनिया को बदला बल्कि ये लोगों की सोच में भी परिवर्तन लाया और इससे दुनिया को ये भी पता चला कि कैसे इंटरनेट 21वीं सदी का नया ईंधन बन सकता है और ये लोगों को सोशल मीडिया के जरिए लिबरेट यानी स्वतंत्र करने का काम कर सकता है।”-1 सच ही तो है कि मीडिया और मीडिया में विशेषकर सोशल मीडिया अभिव्यक्ति की आज़ादी का जितना प्रयोग कर रही है वह किसी से छुपा नहीं है। अनेक तरह के तमाम आंकड़े इस बात की पुष्टि तथ्यात्मक रूप में करने के लिए काफ़ी हैं। अब प्रश्न सामने आता है कि सोशल मीडिया के सिपहसालार कौन-कौनसे हैं जो बिना शस्त्र के अपनी वो विशाल सेना अर्थात् यूज़र बना रहे हैं। ये यूज़र्स(उपयोगकर्ता) केवल कीपैड, इंटरनेट और अपनी आंतरिक योग्यता के बूते विश्व में तहलका मचा रहे हैं। सामान्यतया सोशल मीडिया के लोकतंत्र में फेसबुक, यूट्यूब, ट्विटर, ब्लॉगिंग, व्हाट्सएप्प, टेलीग्राम, इन्स्टाग्राम, लिंक्डइन, स्नेपचैट इत्यादि जैसे लगभग 40 से ज्यादा चैनलों को जोड़ा जा सकता है। इनमें अनुमानत: फेसबुक के उपयोगकर्ता 274 करोड़, दूसरे स्थान पर यूट्यूब 229 करोड़ यूज़र्स के साथ, व्हाट्सएप्प के 200 करोड़ और मैसेंजर के 130 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि उपरोक्त सभी की अपनी लोकप्रियता है जो करोड़ों प्रशंसको एवं फॉलोवर्स तक बिखरी हुई हैं। मीडिया और सोशल मीडिया को विश्लेषक अपने-अपने तरीके से विश्लेषित करते रहे हैं– “आग के बिना धुआं नहीं उठता। इंटरनेट अंतत: उन्हीं भावनाओं को उभारता है जो कहीं न कहीं मौजूद हैं दमन के विरुद्ध आक्रोश के रूप में या फिर बेरोज़गारी के विरुद्ध हताशा के रूप में। सरकार और सुरक्षा तंत्र के खिलाफ नाराजगी, बढ़ते दामों के खिलाफ गरीब वर्ग में उपजती नाराज़गी और तरक्की की आकांक्षाएं लिए मध्य वर्ग को ज़रूरी मौके न मिलने की बेचैनी। ये सब और इसी तरह की दूसरी भावनाएं इंटरनेटीय भावनात्मक उबाल का आदर्श ईधन बन जाती हैं। ज्यों-ज्यों वह ज़्यादा विस्तार लेगा और ज्यादा शक्तिशाली बनेगा त्यों-त्यों उसकी भूमिका प्रधान से प्रधानतर होती चली जाएगी। यूं पिछले दो दशकों में भी सूचना तकनीक ने जिस अंदाज़ में हमारी ज़िन्दगी में जगह बनाई है वह अद्भुत है।-2 इससे एक बात तो स्पष्ट है कि वर्तमान समय में मीडिया और सोशल मीडिया की प्रशंसा करो चाहे उसे कोसो लेकिन इसे उपेक्षित करना संभव नहीं।

सोशल मीडिया के बहुत ही लोकप्रिय जन माध्यम की बात करें तो यूट्यूब का नाम एकदम दिमाग में आ जाता है। आज कुछ शब्द अक्सर ही पढने, देखने और सुनने को मिलते हैं– लाइक, कमेंट, शेयर और सबस्क्राइब। ये यूट्यूब की शब्दावली और कार्यप्रणाली के महत्त्वपूर्ण शब्द हैं। विश्वभर में इसका बाज़ार एवं लोकप्रियता बड़े स्तर पर है। यूट्यूब चैनल्स, प्रयोगकर्ताओं और प्रशंसकों की संख्यां लाखों में है, एक सर्वे के अनुसार प्रति मिनट में 500 घंटें के वीडियों इस माध्यम द्वारा अपलोड हो रहे हैं। यह बात विचारणीय है कि इसकी अपार लोकप्रियता के पीछे के कारण क्या हो सकते हैं? उन बिन्दुओं पर ध्यान देना आवश्यक है जिससे यह सोशल मीडिया का अहम घटक बन गया है। इस सन्दर्भ में एक प्रशंसक ज़ो सुग्ग के अनुसार “यूट्यूब का आनंद यह है कि आप किसी भी चीज़ के बारे में सामग्री बना सकते हैं जो आपको भावुक करती है।”-3 इस रूप में इसका पहला अर्थ जो निकलकर सामने आता है वह है ‘लचीलेपन के साथ आपकी अभिव्यक्ति’, इसके बाद सामग्री और उसे बनाने के विचार प्रस्तुत करने के तरीके आते हैं।

इसके इतिहास पर गौर किया जाए तो सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों की तरह यूट्यूब बहुत पुराना माध्यम नहीं है। पूर्व में पेपाल कंपनी से जुड़े तीन व्यक्तियों स्टीव चैन, चाड हर्ले और जावेद करीम के द्वारा फरवरी 2005 में यूट्यूब कंपनी बनाई गई थी। जल्द ही  इसके आने वाले दिनों के प्रभाव का अंदाज़ा लगाकर गूगल ने नवम्बर 2006 में इसे मोटी रकम लगभग 1.65 डॉलर में खरीद लिया। वर्तमान में इसकी सीईओ सुसान वोज्सिक्की (SUSAN WOJCICKI) हैं ।

यूट्यूब अपने रजिस्टर्ड सदस्यों को वीडियो अपलोड करने की सुविधा निश्शुल्क देता है, वे सदस्य अपने असीमित वीडियो अपलोड कर सकते हैं। इसके आलावा दूसरे सदस्य जो वीडियो लाइक करते हैं, शेयर करते हैं, अपने कमेंट देते हैं और सब्सक्राइब करते हैं उनसे भी कोई फीस नहीं लेता क्योंकि ये लोग इस सोशल मीडियम को बढ़ाने वाले बहुत महत्त्वपूर्ण कारक हैं। यू ट्यूब कुछ वीडियों दिखाने के लिए शुल्क भी लेता है और फीस लेकर प्रीमियम सदस्यता भी देता है। प्रीमियम सदस्यता के द्वारा सदस्य विज्ञापनरहित अनेक वीडियो देख सकता है।

वर्तमान युग सोशल मीडिया का युग माना जा सकता है। जन और जनता से तकनीकी माध्यम द्वारा जुड़ने का यह बेहतरीन जरिया है। तभी आज यूट्यूब को सोशल मीडिया का महत्त्वपूर्ण प्लेटफॉर्म माना जाता है। गूगल के बाद सबसे अधिक प्रयोग होने वाला सर्च इंजन यही है। आंकड़े बताते हैं इसका सबसे ज़्यादा उपयोग युवा पीढ़ी द्वारा किया जा रहा है । इसके द्वारा वे युवाजन तरह-तरह के प्रयोग कर रहे हैं। पिछले 15 साल के सोशल मीडिया का अध्ययन किया जाए तो निष्कर्ष में निकलेगा की युवाओं ने इसका प्रयोग विविधता में किया है; जैसे– “युवा साहित्य, युवाओं की रचनात्मकता, सृजनात्मकता को समृद्ध करने में अहम भूमिका निभाई है। स्थापित रचनाकारों के साथ नवोदित रचनाकारों के साहित्य से पाठक रूबरू हो रहे हैं। नई अकादमिक बहसों को विस्तार मिल रहा है। स्त्री विमर्श, दलित विमर्श, आदिवासी विमर्श, राष्ट्रीयता, मानवीयता, शिक्षा नीतियों इत्यादि पर चर्चाएँ हो रही हैं और आवश्यकतानुसार वैचारिक बहसों को नये रोचक मोड़ भी दिए जा रहे हैं।”-4  आपने अक्सर देखा होगा इसे युवाओं के साथ छोटे बच्चे भी इसे पसंद करते हैं। अनेक कार्टून चरित्र, छोटे बच्चों जैसे नायरा के द्वारा किए करतबों से आनंदित होते हैं ।आज यूट्यूब ने सोशल मीडिया में मजबूत स्तम्भ खड़ा कर दिया है।

इसकी कमाई का मुख्य माध्यम गूगल एडसेंस है। जो स्मार्ट डाटा विश्लेषकों की बदौलत दर्शकों की रूचि से मेल खाते विज्ञापन दिखाता है।  इसके द्वारा बड़ी-बड़ी ब्रांड कम्पनियों को भी विज्ञापन देने का मंच मिला है। यूट्यूब की आमदनी का मुख्य स्रोत ये विज्ञापन ही हैं। इसके अलावा वीडियो के बीच में आने वाले कीवर्ड, टैग देने वाली कम्पनियां भी इसे लाभ देती हैं। अन्य सोशल मीडिया चैनलों की तुलना में यहाँ विज्ञापन देखने वाले दर्शक अधिक हैं। इसके प्रभाव और तकनीक पर बात की जाए तो दर्शक इसमें मौजूद दिखाने के ढंग से आकर्षित होते हैं।

आंकड़े बताते हैं कि 2020 तक पूरे विश्व में 37 मिलियन यूट्यूब चैनल्स थे और इनकी वृद्धि दर 23% से अधिक है । पूरे विश्व में लोग यूट्यूब चैनल बना रहे हैं जिनकी संख्या लगभग 15 मिलियन है जो अनुमानत: 80 मिलियन वीडियो हर महीने अपलोड कर रहे हैं। 10 मिलियन सबस्क्राइबर्स के साथ अनेक चैनल्स चल रहे हैं जिनमें भारत की टी-सीरीज कंपनी प्रथम स्थान पर है। इसके अलावा टॉप टेन में  चौथे स्थान पर सेट इंडिया और आठवें पायदान पर ज़ीम्यूजिक कंपनी हैं। सबसे ज्यादा 10 मिलियन सबस्क्राइबर्स वाले देशों में अमेरिका प्रथम स्थान पर है और दूसरे स्थान पर भारत। भारत में यूट्यूब की लोकप्रियता का पारा दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है जिसकी गिरफ़्त में सभी आयुवर्ग के लोग हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता कि आज जब वर्ष 2021 समाप्ति की ओर बढ़ रहा है तब यह संख्या कितनी लाख और बढ़ चुकी होगी ।

अब अगर विश्व के निजी यूट्यूब चैनल्स एवं उन्हें बनाने वाले यूट्यूबर्स पर ध्यान दिया जाए तो प्रथम पाँच में पिउ डाई पाई(PewDiePie ) 110 मिलियन सबस्क्राइबर्स के साथ पहले नंबर पर है , दूसरे स्थान पर छोटे बच्चों का पसंदीदा किड्स डायनाशो है इसके 81.4 मिलियन सबस्क्राइबर्स हैं। बच्चों से ही संबंधित लाइक नासत्या (Like Nastya) 75 मिलियन सबस्क्राइबर्स के साथ तीसरे स्थान पर है, चौथे और पाँचवे स्थान पर क्रमशः मिस्टर बीस्ट (MrBeast, 65.2 मिलियन सबस्क्राइबर्स) और ड्यूड परफेक्ट(Dude Perfect, 56.5 मिलियन सबस्क्राइबर्स) हैं।

आज यूट्यूब शिक्षा, मनोरंजन और कमाई का मुख्य माध्यम बन गया है। इस दृष्टि से विश्व में भारत की यूट्यूब ग्रोथ बहुत आगे है। यह मार्किट या कमाई का हब बन चुका है और भारत में  अनेक यूट्यूबर्स तो ऐसे हैं जिनके व्यूज टेलीविजन कार्यक्रमों से ज्यादा हैं। इसी बढती लोकप्रियता के कारण अनेक लोग इसमें पूर्णकालिक करियर तलाश चुके हैं और कुछ इसी राह में आगे बढ़ रहे हैं। इन यूट्यूबर्स ने जनता के दिल में वो जगह बना ली है कि प्रशंसक जिसको भी फॉलो करते हैं उसके नए वीडियो का बेसब्री से इंतजार उन्हें रहता है। भारत के प्रमुख यूट्यूबर्स पर ध्यान केंद्रित किया जाए तो उनके आधार पर मुख्यतः कुछ श्रेणियों में हम इसे बाँट सकते वे हैं- खाना बनाने सम्बंधित, यात्रा सम्बंधित, मार्गदर्शन सम्बंधित, गेम्स से सम्बंधित, हास्य(कॉमेडी) सम्बंधित, फिटनेस सम्बंधित, फैशन सम्बंधित, म्यूजिक या म्यूजिक बैंड सम्बंधित, तकनीक-नए गैजेट्स से सम्बंधित आदि ।

 खाना बनाने सम्बंधित वीडियो डालने में पहला नाम मशहूर कुक निशा मधुलिका का आता है। उन्होंने अपने ब्लॉग की तब शुरुआत की थी जब उनके बच्चे बड़े हो गए और बाहर चले गए। खालीपन की बोरियत या उदासी में डूबने की बजाय निशाजी ने कुछ सृजनात्मक करने का सोचा और 52 साल की उम्र में पति की शुरूआती मदद से खाद्य संबंधी ब्लॉग लिखना शुरू कर दिया। वह अनेक उन स्त्रियों के लिए प्रेरणा हैं जो प्रोढ़ावस्था की तरफ आते ही अपने को कमजोर असहाय महसूस करने लगती हैं। आज उनकी पाँच लोगों की टीम है जो शानदार खाना बनाना सिखाती हैं। अपने इस चैनल से निशा मधुलिका ने करोड़ो प्रसंशक बनाए हैं जिनकी संख्या 3.6 मिलियन से अधिक है। वह भारत की शीर्ष यूट्यूबर हैं, यूट्यूब ने उन्हें विश्व के प्रमुख शेफ में शामिल किया है। वह हर महीनें अपने चैनल से लगभग 88.1-125 हजार डॉलर की कमाई कर लेती हैं। वह वही कर रही हैं जो उन्हें पसंद है, रूचि है इसके साथ आमदनी भी हो रही है और अनेक लोगों को प्रेरणा भी मिल रही है । इसी श्रेणी में दूसरा नाम कबिता सिंह का है यह ‘कबिता किचन’ (Kabitas Kitchen) नाम से अपना यूट्यूब चैनल चलाती हैं। इन्होंने 7 अक्टूबर 2014 से अपना चैनल शुरू किया था और आज यह 6.64 मिलियन सब्सक्राइब तक पहुँच चुका है, जिसकी मासिक आय 8.9–141.7 हजार अमेरिकी डॉलर के करीब है। अपने यूट्यूब चैनल में कबिता ऐसा खाद्य पदार्थ बनाती हैं जिसकी सामग्री आसानी से रसोई में उपलब्ध हो, जिसे खोजने के लिए घर से बाहर भागदौड़ न करनी पड़े। वह सरल और आसान तकनीकों के साथ किसी भी व्यंजन को फिर से नए ढंग से बनाने पर ध्यान केंद्रित करती हैं और इसी वजह से दर्शक उनका चैनल देखना पसंद करते हैं।वर्ष 2009 से सक्रिय यूट्यूब चैनल ‘संजीव कपूरखजाना’ (SanjeevKapoorKhazana) को कौन नहीं जानता, इसके यूट्यूबर भारत के मशहूर शेफ़ संजीव कपूर हैं। आसानी से मिलने वाली सामग्री के द्वारा स्वादिष्ट व्यंजन कैसे बनते हैं उसका ज़वाब यह चैनल है, खाना स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी हो इस बात का ध्यान भी वह अपने विडीयोज में दिलाते हैं। संजीव कपूर यूट्यूब पर अब तक 1,19,39,58,383 व्यूज के साथ 9000 से ज्यादा वीडियो अपलोड कर चुके हैं और उनके 6.44 मिलियन से अधिक सबस्क्राइबर हैं । इनके अलावा इस श्रेणी में टॉप पर जिन यूट्यूबर्स का नाम आता है वे हैं 670 हजार सबस्क्राइबर्स के साथ कनक कथूरिया (Kanaks Kitchen) और 7.83 सबस्क्राइबर्स के साथ अर्चना हेब्बार (Hebbars Kitchen)

पर्यटन सम्बंधित यूट्यूब और यूट्यूबर्स की बात की जाए तो ये वे लोग हैं जिन्होंने इसके द्वारा पर्यटन और उससे संबंधित अनेक जानकारियों को मंच दिया है। इनमें वरुण वागीश जाना पहचाना नाम है। यह वर्ष 2007 से ‘माउंटेन ट्रेकर’(Mountain Trekker) नाम से अपना चैनल संचालित करते हैं, जिसके 1.36 मिलियन से अधिक प्रशंसक हैं। पत्रकार से शुरू हुआ इनका सफर रेडियो न्यूज़ रीडर, शिक्षाविद से होता हुआ ट्रेवलर तक पहुँचा है। इनके द्वारा अपलोड वीडियोज में विश्व के खूबसूरत स्थानों की रोमांचक यात्रा होती है। अब तक वरुण भारत के अलावा सर्बिया, अमेरिका, कनाडा, थाईलैंड, इटली, जॉर्जिया, तुर्की, बाली, रूस इत्यादि देशों की यात्रा से जुड़े 400 से अधिक वीडियोज डाल चुके हैं। इसी तरह 2013 से शुरू हुआ यूट्यूब पन्ना ‘एथेरेअल’या ‘ईथर’ (Ethereal), यूट्यूबर आयुष दिनकर का है। इसमें आप मन जीवन से उसकी स्थिति से जुड़े पहलुओं को यात्रा के माध्यम से समझ सकते हो, जान सकते हो। आयुष भी वरुण की तरह वो उत्साही युवा हैं जिन्होंने इंजीनियरिंग से फिल्म निर्माण और फिर अपने दिल की राह चुनी जो आज एक सफल ट्रेवल यूट्यूबर के रूप में बदल चुकी है। इनके 137 हजार के करीब प्रशंसक हैं और इनके वीडियोज को 9,444,349 से ज्यादा बार देखा गया है। इसी तरह दीपांशु सांगवान अन्य उत्साही युवा हैं जो कैट और एचएससी की तैयारी करते-करते यात्रा की दुनिया के यूट्यूबर बन गए। नोमेडिक इंडियन(Nomadic  Indian) नाम से वह अपना यूट्यूब एकाउंट चलाते हैं। जिस भी स्थान पर दीपांशु जाते हैं उसके बारे में वहाँ के खान-पान, रहन-सहन के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं इनमें वियतनाम, रूस, थाईलैंड, लाओस आदि की यात्रा शामिल है। इन्होंने वर्ष 2017 से यात्री यूट्यूबर की शुरुआत की और बहुत कम समय में इनके हजारों सब्सक्राइबर बन चुके हैं। इस कड़ी के अगले युवाश्रवण कुमार (India in Motion) और कृतिका गोयल हैं।

आप ध्यान देंगे तो पाएंगे यूट्यूबर बनने की इस दौड़ में प्रत्येक आयु-वर्ग शामिल है, हालांकि सुरक्षा एवं निजता सम्बंधी शर्तों के साथ आप 18 वर्ष की उम्र में ही इसके सदस्य बन सकते हो। इसीलिए छोटे बच्चों से सम्बंधित वीडियोज किसी वयस्क की देखरेख में बनाने और अपलोड करने की शर्ते भी इसके साथ जुडी हैं। आज यूट्यूब और यूट्यूबर सोशल मीडिया के महत्त्वपूर्ण अंग हैं। इस पर बहुत अधिक पसंद किए जाने वाले वीडियोज की श्रेणी में कॉमेडी को शामिल करना ज़रूरी है क्योंकि रोज-मर्रा के कामकाज और उससे उत्पन्न तनाव को यह वीडियो कम करते हैं। इस वर्ग में भुवनेश्वर बम(बीबी की वाइन्सBB Ki Vines), अमित भड़ाना, तन्मय भट, आशीष चंचलानी और हर्ष बेनीवाल बेहद लोकप्रिय यूट्यूबर्स हैं।

इनमें दिल्ली के रहने वाले भुवनेश्वर के दस मिलियन से अधिक प्रशंसक हैं, इनका चैनल ‘बीबी की वाइन्स’ वर्ष 2016 से ही बहुत लोकप्रिय चैनल्स में से एक गिना जाता है। जिसने सियोल में आयोजित समारोह में ‘वेबटीवी एशिया’ पुरस्कार जीता है। भुवनेश्वर हास्य मनोरंजन से भरपूर अपने वीडियो नियमित रूप से अपलोड करते रहते हैं। इनके वीडियोज में तीन-चार तरह के किरदार होते हैं जिनको यह स्वयं निभाते हैं, भुवनेश्वर की लोकप्रियता बहुत है तभी इनके अनेक वीडियो 25 मिलियन से अधिक बार देखें गए हैं। यूट्यूबर के तौर पर इनकी मासिक आय अनुमानत: 15.3 से 225 हजार अमरीकी डॉलर के करीब है। फरीदाबाद के रहने वाले अमित भड़ाना भी लोकप्रिय कॉमेडियन यूट्यूबर हैं जो अलग-अलग अंदाज़ से कॉमेडी कर दर्शकों का मनोरंजन करते हैं। यूट्यूब के द्वारा इनके भी फॉलोवर्स और कमाई का आंकड़ा लाखों में है।

जीवन में नैतिकता, मार्गदर्शन और गुरु का बहुत महत्त्व है। हमें जिस बारे में पता होता है या बहुत बार नहीं भी होता तो, आधुनिक ज़िन्दगी की भागदौड़, अनेक तरह के अवसाद आज जीवनचर्या का हिस्सा हो गए हैं। उनसे मुक्ति पाने की ललक में इंसान बहुत से उपाय सोचने की कोशिश भी करता है। तब उसे एक मार्गदर्शक की ज़रूरत महसूस होती है जो अपने विचारों और उपदेशों से मन का बोझ हल्का कर सके। भारत में ज्ञान-चिंतन की उज्ज्वल परंपरा रही है उपदेश सत्संग और उत्साह बढ़ाने की दिशा में बहुत मनीषी समर्पित हैं। आज यूट्यूब ने यहाँ भी अपनी पैठ बनाई है जिससे चलते-फिरते आप इन महत्त्वपूर्ण बातों का लाभ उठा सकते हैं। इस दिशा में संदीप माहेश्वरी(आज से जीना सीखो), सदगुरु, योगेश छाबडिया, डॉ. उज्ज्वल पाटनी, डॉ. विवेक बिंद्रा महत्त्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। ये वे यूट्यूबर्स हैं जो सोशल मीडिया के सकारात्मक प्रयोग द्वारा व्यक्ति को मानसिक रूप से सबल करने का प्रयास कर रहे हैं तभी इनके लाखों प्रशंसक हैं ।

मानसिक स्वस्थता के साथ शारीरिक स्वस्थता भी आवश्यक है। भारत सरकार ने अगस्त 2019 में ‘फिट इंडिया’ अभियान आरंभ किया था तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बात कही थी कि “हमारे देश में फिटनेस लाइफ स्टाइल में ही शामिल है।”-5 अनेक यूट्यूबर्स इस दिशा में पहले से ही सक्रिय हैं, इनमें रणवीर इलाहाबादिया का ‘बियर बाइसेप्स’(Beer Biceps), तरुण गिल का ‘टीजी टॉक्स मीडिया’(TG Talks Media), गुरु मान का ‘गुरु मान फिटनेस’, यास्मिन करांचीवाला का ‘बी फिट विथ यास्मिन करांचीवाला’ और गौरव तनेजा का ‘फिटमसल टीवी’(Fit Muscle TV) के नाम प्रमुख हैं।

हर कोई अच्छा लगना और दिखना चाहता है, और जब जेब भी भरी हो तो सोने पर सुहागा इसी चाह को लेकर सौन्दर्य, फैशन, रहन-सहन, साज-सज्जा आदि पर केंद्रित सामग्री और सुझावों के साथ  भारतीय यूट्यूबर्स अपने चैनलों पर उपलब्ध हैं । जिनमें सेजल कुमार, कोमल पांडे, श्रेया जैन, श्रुति अर्जुन आनंद, कृतिका खुराना, आकांक्षा रेड्डू, अंकिता चतुर्वेदी, जोविता जॉर्जे, देबाश्री बनर्जी, आशना श्रॉफ आदि चर्चित नाम हैं।

भारत की टी-सीरीज कंपनी गीत-संगीत की है। इसका यूट्यूब चैनल विश्व में सबसे ज्यादा सबस्क्राइब किया जाने वाला चैनल है। इसके अलावा नंबर चार और आठ पर आने वाली कंपनी  सेट इंडिया एवं ज़ी म्यूजिक कंपनी भी मुख्यतः गीत-संगीत से जुडी हैं।  ये बड़ी कम्पनियां हैं जो यूट्यूब से जुडी हुई हैं लेकिन निजी रूप से भी अनेक गायक-संगीत कलाकार अपने म्यूजिकल वीडियो यूट्यूब पर अपलोड करते हैं। इन्हें सोशल मीडिया के इस घटक ने महत्त्वपूर्ण मंच दिया है, इनके प्रशंसकों की तादाद लाखों में है और प्रति माह की कमाई हजारों अमेरिकी डॉलरों में है। इस क्षेत्र के लोकप्रिय यूट्यूबर्स में सनम पुरी एंड पार्टनर्स, मेल्विन लुइस, छाया कुमार एवं शिवानी भगवान(बी.फंक), धनश्री वर्मा और विद्या वॉक्स का नाम शामिल हैं।

टेक्नोलॉजी, गैजेट्स और ऑनलाइन गेम्स को लेकर बच्चों और युवाओं की दीवानगी किसी से छिपी नहीं है। रोज इससे सम्बंधित लाखों डाउनलोड, अपडेट और अपलोड होते हैं, टेक गुरु इन्हें सुरक्षित रखने, साइबर सुरक्षा, नए फीचर्स के बारे में बताते हैं तो ऑनलाइन गेम्स को बनाने वाले उसके नए-नए वर्जन लॉन्च करते रहते हैं। इन्हें यूट्यूब पर अच्छी कामयाबी मिली है बच्चों और बड़ों दोनों को ही मनोरंजन के साथ तकनीक की जानकारी मुहैया हुई है। रंजीतकुमार (Geeky ranjit), गौरव चौधरी(टेक्निकल गुरूजी), अभिषेक सागर(टेक्निकल सागर), प्रवाल शर्मा (शर्माजी टेक्निकल), अभिषेक भटनागर(गैजेट्स टू यूज़) यूट्यूब के तकनीक क्षेत्र के चर्चित नाम हैं। ऑनलाइन गेम्स के लिए यूट्यूबर्स अजय(टोटल गैमिंग), साहिल राणा(ए_एसगैमिंग), अमित शर्मा(देशी गैमर्स), आदित्य दीपक सावंत(डाइनेमो गैमिंग) एवं लोकेश राज (लोकेश गैमर) के नाम चर्चित हैं।5

आज युवावर्ग इसमें अपना भविष्य देखने लगा है तो प्रोढ़ावस्था और वृद्धावस्था की ओर बढ़ते लोग इसके द्वारा अपने वो शौक पूरे कर रहे हैं जो ज़िन्दगी की भागदौड़ में कहीं धुंधले पड़ गए थे। यह शिक्षित, उच्चशिक्षित, कम शिक्षित और अशिक्षित सभी का मंच है, इसमें कोई भेदभाव नहीं चाहे ‘बाबा का ढाबा’ का गौरव हो या फिर उत्तरप्रदेश की वो शिवानी हो जो अपनी क्षेत्रीय भाषा में ही बोलकर लोकप्रियता अर्जित कर रही हैं क्योंकि यूट्यूब वो सरलता प्रदान कर रहा है जिससे आप जो भी सोचते हैं, समझते हैं उसे यू ट्यूब के माध्यम से आसानी से अभिव्यक्त कर सकते हैं और साथ में आमदनी भी हो जाती है। दरअसल “यू ट्यूब पर समाचार या घटना का उतना महत्त्व नहीं होता जितना महत्त्व समाचार या घटना के बिंब या वीडियो के दिलचस्प होने का होता है। यूट्यूब पर अक्सर ये बिंब राजनीतिक हास्यास्पद घटनाओं के होते हैं। यूट्यूब से जुड़ने वाले ऐसे लोगों की संख्या बहुत बड़ी होती है जो लोकप्रिय वीडियो क्लिप्स देखना चाहते हैं, बजाए उनके जो समाचारों पर टिप्पणी चाहते हैं। अगर कोई दिलचस्प क्लिप है तो उसे देखने वालों की संख्या करोड़ों में पहुंच जाती है।”- कह सकते हैं हमारी रुचियों को भी इसके द्वारा मंच मिला है तभी अपनी छुपी कला का प्रदर्शन अनेक प्रयोगकर्ता छोटे-बड़े वीडियो अपलोड करके, करते हैं । इस श्रेणी में आने वाले लोगों के विविध विषय और वीडियो यूट्यूब पर उपलब्ध हैं।  कुछ प्रयोगकर्ता तो इसे मन को हल्का करने का जरिया मानते हैं। यह सोच उसी तरह है जैसे अरस्तु का विरेचन सिद्धांत या हमारे नाट्यशास्त्र में जो रसों का उल्लेख है उससे उत्पन्न भाव और रस निष्पत्ति। दरअसल आधुनिक युग की भागदौड़, व्यस्तता भरी दिनचर्या में फुर्सत के कुछ पलों की तलाश भी इसे कहा जा सकता है। कुल मिलाकर जैसे ज्ञान राशि के संचित कोश को साहित्य कहा जाता है तो यूट्यूब को मीडिया युग का वो साझा मंच कहा जा सकता है जो अनेक कलाओं एवं विचारों को अभिव्यक्त करता है। अंत में यूट्यूब की उपयोगिता एवं महत्त्व पर इसके ही संस्थापक सदस्यों में से एक जावेद करीम के अनुसार हमारे उपयोगकर्ता हमसे एक कदम आगे थे। उन्होंने सभी प्रकार के वीडियो साझा करने के लिए यूट्यूब का उपयोग करना शुरू कर दिया। जिसमें उनके कुत्ते और छुट्टियाँ या कुछ भी शामिल है। हमें यह बहुत दिलचस्प लगा, हमने कहा क्यों न उपयोगकर्ताओं को परिभाषित करने दिया जाए कि यूट्यूब क्या है।7  शायद यही वजह है और इसीलिए यूट्यूब को सोशल मीडिया का ‘लोकतांत्रिक प्लेटफार्म’ भी माना जाता है।

संदर्भ :

1. सुधीर चौधरी, डीएनए, ज़ी न्यूज़

2. बालेन्दु शर्मा दाधीच , ग्लोबल मीडिया और हिन्दी पत्रकारिता : संपादक – डॉ.हरीश अरोड़ा ,साहित्य संचय प्रकाशन दिल्ली ,प्रथम संस्करण २०१३ ISBNISBN : 978-93-82597-02-5,कवर पृष्ठ से )

3.zoesugg-The  joy of You Tube is that you can create content about anything you feel passionate” ,https://www.brainyquote.com/

4. सोशल मीडिया : संभावनाएं और चुनौतियाँ , डॉ.संगीता रानी ,नटराज प्रकाशन दिल्ली, प्रथम संस्करण २०१७ , ISBN: 978-93-86113-17-7, पृष्ठ-११७

5..https://moneymint.com/top-youtubers-in-india/#:~:text=Top%2050%20YouTubers,79%20mins%20read

6.द इकॉनोमिक टाइम्स समाचार, इ-पेपर,हिंदी संस्करण ,२९ अगस्त २०१९

7..सोशल मीडिया, डॉ.सुशील त्रिवेदी, एकता प्रकाशन दिल्ली , प्रथम संस्करण २०१२ , ISBN 978-81-910759-3-9,पृष्ठ ६९

8.ZawedKarim-Our users were one step ahead of us.They began using Youtube to share videos of all kinds.Theirdogs,vacations,anything.We found this very interesting.We said 'why not let the users define what Youtube is all about. , https://www.brainyquote.com/

डॉ. प्रतिभा राणा

 अपनी माटी (ISSN 2322-0724 Apni Maati) मीडिया-विशेषांक, अंक-40, मार्च  2022 UGC Care Listed Issue

अतिथि सम्पादक-द्वय : डॉ. नीलम राठी एवं डॉ. राज कुमार व्यास, चित्रांकन : सुमन जोशी ( बाँसवाड़ा )

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