अपनी ख़बर - अपनी माटी Apni Maati

India's Leading Hindi E-Magazine भारत की प्रसिद्द साहित्यिक ई-पत्रिका ('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

नवीनतम रचना

अपनी ख़बर

( पंजीयन संख्या 50 /चित्तौड़गढ़/2013 )
                       
हम आपके बताना चाहते हैं कि नवम्बर, 2009 से ही संचालित अपनी माटी एक त्रैमासिक ई-पत्रिका है जिसे अप्रैल, 2013 से ही ISSN कोड आवंटित हो चुका हैकला, साहित्य, रंगकर्म, सिनेमा, समाज, संगीत, पर्यावरण से जुड़े शोध, आलेख, बातचीत सहित तमाम साहित्यिक रचनाएँ छपने और पढ़ने हेतु एक साफ़-सुथरी जगह माना जा सकता है। न्यू मीडिया के बढ़ते दखल के बीच यह वेबपत्रिका एक माध्यमभर है जहां से हम अपनी बात अपने ढंग से कह सकते हैं। हमारी यह पत्रिका अप्रेल दो हज़ार तेरह से मासिक रूप से प्रकाशित हो रही थी। प्रिंट में निकल रही सैकड़ों लघु पत्रिकाओं के वर्चस्व और गंभीरता को सलाम करते हुए हमें लगा कि एक पाठक वर्ग इंटरनेट की पीढ़ी का भी है जिसके साथ चलने के लिहाज से  कुछ सार्थक काम करने की गुंजाइश है। किसी तरह के बड़े दावे या वादे तो नहीं हैं लेकिन फिर भी हम अपनी गति से सार्थक दिशा में काम करना चाहते हैं।

यहाँ उन सभी कार्यकर्ताओं, लेखक बंधुओं और कलाधर्मियों का स्वागत रहता हैं जो अपने परिवेश के सार्थक विचारों, घटनाओं और चर्चाओं को एक नए पाठक वर्ग के बीच पहुंचाने का मन रखते हैं। 'अपनी माटी संस्थान चित्तौड़गढ़' ( पंजीयन संख्या 50 /चित्तौड़गढ़/2013 ) के तहत प्रकाशित इस पत्रिका के पहले सम्पादक अशोक जमनानी थे। आप भी इस हेतु अपनी मौलिक, अप्रकाशित और स्तरीय रचनाएं हमें ई-मेल से भेज सकते हैं। एक आंकड़े के मुताबिक़ यह पत्रिका हर रोज 2000 पाठकों द्वारा देखी जाती है, जिससे अब तक 18 लाख पाठक जुड़ चुके हैं।

इसके अतिरिक्त हम यथासम्भव हमारे चयनित आयोजनों में विमर्श प्रधान प्रस्तुति माटी के मीत और कविता पाठ प्रस्तुति किले में कविता और संस्मरण केन्द्रित आयोजन 'बातें बीते दिनों की' को अपने उद्देश्यों तक पहुँचा रहे हैं हालांकि ऐसे आयोजन फिलहाल रुके हुए हैं। इंटररनेट के विशाल जाल में अपनी माटी समूह के इस मामूली दखल से आप भी जुड़ेंगे तो हमें अच्छा लगेगा। यह सबकुछ हमारे संस्थान के सदस्यों और पत्रिका के विधिवत सम्पादक मंडल के निर्देशन में संपन्न हो रहा है। हम इस बैनर के तहत भविष्य में जनपक्षधर विचारों को पोषित करने वाले आयोजनों में कविता कार्यशाला, रंगमंचीय प्रदर्शन, थिएटर कार्यशाला, प्रतिरोध से जुड़े फिल्म फेस्टिवल, कहानी-उपन्यास से सम्बद्ध संगोष्ठियाँ, राष्ट्रीय सेमीनार आदि को अंजाम देने का मन रखते हैं। गौरतलब है कि हमारे साथी इस संस्थान को पूरी तरह से गैर-सरकारी और गैर-व्यावसायिक रवैये के साथ आगे बढ़ाने वाले मन के हैं। वर्तमान के इस साहित्यिक और सांस्कृतिक परिदृश्य को समृद्ध करते हुए आगामी सालों में कुछ सार्थक आयोजन उपजाने में आपके सहयोग की ज़रूरत है।

UGC Approved for some time
--------------------------------
अपार खुशी और गहरी संवेदना के साथ सूचित कर रहा हूँ कि यूजीसी के द्वारा जारी की गयी मान्यता प्राप्त पत्रिकाओं की सूची में 'अपनी माटी' www.apnimaati.com - त्रैमासिक हिंदी वेब पत्रिका को शामिल किया गया है। यूजीसी के उपरोक्त सूची के वेबसाईट – ugc.ac.in/journalist/ - में 'अपनी माटी' को क्र.सं./S.No. 6009 में कला और मानविकी (Arts & Humanities) कोटि के अंतर्गत सम्मिलत किया गया है। साहित्य, समय और समाज के दस्तावेजीकरण के उद्देश्यों के साथ यह पत्रिका 'अपनी माटी संस्थान' नामक पंजीकृत संस्था, चित्तौड़गढ द्वारा प्राकशित की जाती है.राजस्थान से प्रकाशित होने वाली संभवतया यह एकमात्र ई-पत्रिका है.
-------------------------------------------------

सभी कानूनी विवादों के लिये क्षेत्राधिकार चित्तौड़गढ़,राजस्थान होगा। प्रकाशित सभी सामग्री के विषय में किसी भी कार्यवाही हेतु संचालक/संचालकों का सीधा उत्तरदायित्त्व नही है अपितु लेखक उत्तरदायी है। आलेख की विषयवस्तु से संचालक की सहमति/सम्मति अनिवार्य नहीं है। यदि कोई भी असंवैधानिक सामग्री प्रकाशित हो जाती है तो वह तुंरत प्रभाव से हटा दी जाएगी.पाठक कोई भी आपत्तिजनक सामग्री पाते हैं तो तत्काल सूचित करिएगा।



नमस्कार मित्रो, 

हमारे मुख पत्र प्रकाशन अपनी माटी त्रैमासिक पत्रिका में आपका स्वागत हैहम अपने नियमित अंकों में बाकी रचनाओं के साथ ही शोध आलेख भी प्रकाशित करते रहे हैं अगर आप भी अपनी माटी में शोध पत्र छपवाने के इच्छुक हैं तो कृपया हमें हमारे नियमति अंक प्रकाशन की तारीखों में आलेख भेजें। हमारे सम्पादक मंडल द्वारा अगर आलेख का चयन किया जाता है तो हम आपको यथासमय सूचित करेंगेअपनी माटी ई-पत्रिका और अपनी माटी संस्थान चित्तौड़गढ़ निस्वार्थ और स्वयंसेवा के भाव से संचालित एक संस्थानिक अभियान है। 
लेखक मित्रों से कुछ ज़रूरी निवेदन 
  1. अव्वल तो आपका स्वागत कि आप 'अपनी माटी' के लिए अपनी रचना भेजना चाहते हैं.हम आपको बताना चाहते हैं कि अप्रैल,2014  से हमारी यह ई-पत्रिका त्रैमासिक रूप से प्रकाशित हो रही है।
  2. यह पत्रिका अपने आरम्भ से ही ISSN CODE ( 'ISSN 2322-0724 Apni Maati' ) प्राप्त है जिसका शोधार्थियों और कॉलेज प्राध्यापकों के लिए खासकर उपयोग होता रहा है/आपको भी हो सकता है।
  3. गौरतलब है कि यह अभी तक ई-पत्रिका ही है इसका कोई प्रिंट वर्जन नहीं छपता है।
  4. आप यहाँ अपनी अभी तक प्रिंट और ई माध्यम में अप्रकाशित रचनाएं ही भेजें।
  5. हम हमेशा सामान्य अंक ही प्रकाशित करते हैं.अभी विशेषांक निकालने की हमारी कोई योजना नहीं है अगर होगी तो हम इस बात की विशेष घोषणा करेंगे ही।
  6. रचनाएं हिंदी के यूनिकोड में टाईप की हुई हों, हमारे पते apnimaati.com@gmail.com पर ई-मेल कर सकते हैं। 'देवल्यास-10' फॉण्ट में रचना नहीं भेजें,प्लीज. केवल टाइप की हुयी रचनाएं ही हम उपयोग कर सकेंगे।
  7. छपने लायक सामग्री के बारे में हम आपको आपकी रचना प्राप्ति  के बाद अगले अंक के लिए हमारी पहली बोर्ड बैठक में निर्णय के बाद आपको सूचित करने का वादा करते हैं।
  8. रचनाकार अपना नवीनतम पासपोर्ट साइज़ फोटो ज़रूर भेजें एवं डाक व्यवहार का पूर्ण पता अवश्य लिखें। 
  9. कृपया प्रिंट फॉर्म में रचनाएं हमें डाक से नहीं भेजें।अभी तक हमारे पास उपलब्ध संसाधनों में हम रचनाएं टाइप करवा कर नहीं छाप पायेंगे।
  10. मौलिकता स्वयं रचनाकार की विश्वसनीयता है। अतः इसके अनुपालन के लिए रचनाकार स्वयं ख़याल रखे तो बेहतर होगा।
  11. बहुत ज्यादा ज़रूरी हो तो पूर्व प्रकाशित रचनाओं को भेजते समय प्रकाशन संदर्भ जरुर भेजिएगा।यदि हमें ऐसा आभास होगा कि रचना का प्रचार ज़रूरी है तो उसका पुन: प्रकाशन भी करेंगे।
  12. मुआफ़ करें हमारे इस अव्यावसायिक प्रकल्प में आपकी रचना प्रकाशन के लिए आपको किसी भी तरह का आर्थिक भुगतान नहीं कर पायेंगे।
  13. हम आपके सहयोग का बड़ा मान करते हैं।यहाँ प्रकाशित रचनाओं पर रचनाकारों के सर्वाधिकार सुरक्षित हैं, अनुमति के बाद गैरव्यावसायिक उपयोग संभव होगा। यदि यहाँ प्रकाशित रचना का पुन: प्रकाशन किया जाता है तो वहाँ सौजन्य का उल्लेख ज़रूर करिएगा,कृपया वो भी हमारी जानकारी में हो.
  14. हाँ याद रख कर नए लेखक साथी जो अपनी माटी में पहली बार छप रहे हैं , रचनाओं के साथ अपना परिचय,पता और फोटो भी भेजिएगा।
  15. सामग्री चयन,सम्पादन और प्रकाशन का अंतिम निर्णय सम्पादक मंडल का रहेगा।
------------------------------------------------------------------------------------------------------------
देश विदेश के चित्रकार साथियों के लिए 
  1. नमस्कार,अपनी माटी ई-पत्रिका एक प्रतिष्ठित ई पत्रिका है जो एक पंजीकृत संस्थान द्वारा संचालित है.
  2. हमारी ई-पत्रिका में एक अवसर है जहां आप जैसे चित्रकार साथी अपनी पेंटिंग्स के चित्र प्रदर्शित कर सकते हैं.हमारे त्रैमासिक अंक में हर बार हम एक चित्रकार की लगभग पैंतीस पेंटिंग्स को प्रकाशित करते हैं.
  3. इसके लिए आपको हमें अपना बायो डेटा,फोटो और चयनित दस चित्र पहले भेजने होते हैं.हमारा बोर्ड उनका चयन करके आपको चयन की सूचना देता है तो आपको पैंतीस फोटो भेजने होते हैं.
  4. आए हुए चित्रों को हम हमारे प्रकाशित होने वाले अंक में छापते हैं.चित्र अच्छे और बड़े पिक्स़ल में भेजें.
  5. हम आपका बायो डेटा हमारे एक अलग पोर्टल पर छापते हैं जहां आपको देश के नामी लोगों के जीवन परिचय वाले पोर्टल में जगह मिलती है.
  6. अंक में प्रत्येक चित्र के साथ आपकी कोंटेक्ट डिटेल्स छापते हैं ताकि लोग सीधे आपसे संपर्क कर सकें.
  7. इस बाबत हम आपको किसी भी तरह का आर्थिक मानदेय नहीं दे पाएंगे.सिर्फ आपको हमारी पत्रिका संस्थान द्वारा जारी एक प्रमाण पत्र दे पाएंगे जिसमें हमारी पत्रिका का ISSN नंबर छपा है.
  8. अगर आप हमारी इस योजना में जुड़ना चाहते हैं तो हमसे हमारी ई-मेल apnimaati.com@gmail.com पर समपर्क करिएगा.
========
संरक्षक
डॉ. राजेश चौधरी

संस्थापक सम्पादक
प्रधान सम्पादक

सम्पादक


सह सम्पादक


तकनिकी प्रबंधक
========

सम्पर्क सूत्र
=========================================

==========================================
सूत्र http://sansthan.apnimaati.com/
YouTuber Team http://www.apnimaati.com/p/blog-page_...

Facebook Page https://www.facebook.com/apnimaati Portal http://www.apnimaati.com Twitter https://twitter.com/apnimaati E-mail apnimaati.com@gmail.com Instagram apnimaati
Youtube Channel https://www.youtube.com/channel/UCknn7ofOySjeyTrFn8AJaPw

ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

Responsive Ads Here