कविताएँ:शैलेन्द्र चौहान - अपनी माटी

साहित्य और समाज का दस्तावेज़ीकरण / UGC CARE Listed / PEER REVIEWED / REFEREED JOURNAL ( ISSN 2322-0724 Apni Maati ) apnimaati.com@gmail.com

नवीनतम रचना

शनिवार, जून 15, 2013

कविताएँ:शैलेन्द्र चौहान

(जून-2013 अंक में यह रचना पहली बार 'अपनी माटी' पर ही प्रकाशित हो रही है।इससे पहले के मासिक अंक अप्रैल और मई यहाँ क्लिक कर पढ़े जा हैं।आप सभी साथियों की तरफ से मिल रहे अबाध सहयोग के लिए शुक्रिया कहना बहुत छोटी बात होगी।-सम्पादक)  

1. 'विरासत'

गाँव में हुआ जब
पहला खून,
पहली डकैती,
पहला बलात्कार

यद्यपि कुछ भी
पहली बार नहीं हुआ था
उनकी याददाश्त की
समय सीमा ही थी वह

सन्न थे सब
अवाक !
लगा था उन्हें आघात
भय से पीले पड़ने की
हद तक
धीरे-धीरे वे सहज हुए
फिर बाद को
उनकी संतानें
अभ्यस्त हो गईं
ऐसी वारदातों की
 ---------

2. 'विवश पशु'

चरागाह सूखा है
निश्चिंत हैं हाकिम-हुक्काम
नियति मान
चुप हैं चरवाहे
मेघ नहीं घिरे
बरखा आई, गई
पशु विवश हैं
मुँह मारने को
किसी की खड़ी फसल में
हँस रहे हैं
आकाश में इन्द्र देव
   ---------

3. 'अतीत'

इतने डरावने भी नहीं थे
सब दिन
ललमुनिया नाचती थी
पहन कर लाल लहंगा,
लाल चूनर

चिडि़या सी फुदकती
लचकती बेल सी
बच्ची सी चहकती
जवान ललमुनिया
(किशोरी भी हो सकती है)
मजा ला देती

किसी ने उसका
हाथ नहीं पकड़ा
पैसे नहीं फैंके
किसी ने नहीं कहा
’हाय मेरी जान !’
नहीं कहा किसीने रात रुकने को
उल्टे भूरे काका ने
सर पर हाथ रखकर
ढेरों आशीर्वाद दिए
बहू की एक धोती दी
डेढ़ मन अनाज दिया

कसे हुए जवान,पट्ठे बैलों को
छकड़े में जोतकर
चारों तरफ कपड़ा लगा
बेटी की तरह ललमुनिया को
बिदा किया
ललमुनिया की आँख से
बह निकला समुँदर

दो बूँदें उँगली से झटक
काका ने लगाई
एड़ बैलों को
 ---------

4. 'परिवर्तन'

कई बार
झुंझलाया हूँ मैं
सड़क के किनारे खड़ा हो
न रुकने पर बस
गिड़गिड़ाया हूँ कई बार
बस कंडक्टर से
चलने को गाँव तक
हर बार
कचोटता मेरा मन
कसमसाता
आहत दर्प से गुज़रता मैं
तेज़ गति वाहनों से
देखता इंतज़ार करते
ग्रामवासियों को
किनारे सड़क के
नहीं कचोटता मन
न आहत होता दर्प
सोचता
नहीं मेरे हाथ में लगाम
न पैरों के नीचे ब्रेक
नहीं
अब कोई अपराध बोध भी नहीं
मेरे मन में

शैलेन्द्र चौहान
आलोचक और वरिष्ठ कवि है 
संस्मरणात्मक  
उपन्यास कथा रिपोर्ताज 
बोधि प्रकाशन जयपुर से 
प्रकाशित हुआ है

संपर्क 
पी-1703, 
जयपुरिया सनराइज ग्रीन्स, 
प्लाट नंबर 14 ए, अहिंसा खण्ड, 
इंदिरापुरम, 
गाजियाबाद -201014, (उ.प्र.)
ई-मेल 
shailendrachauhan@hotmail.com,
मो-07838897877
संपर्क 
34/242, सेक्टर- 3, प्रतापनगर
जयपुर- 302033

शीघ्र प्रकाश्य मीडिया विशेषांक

अगर आप कुछ कहना चाहें?

नाम

ईमेल *

संदेश *