ग़ज़ल / मोहित दशोरा Arjun Kumar शुक्रवार, मार्च 31, 2023 ग़ज़ल - मोहित दशोरा (1) तीरगी से रौशनी तक आ गया और फिर मैं ख़ामुशी तक आ गया …