शोध नियमावली

'अपनी माटी' 
 ( साहित्य और समाज का दस्तावेज़ीकरण )

 'UGC Care List Approved'
 'समकक्ष व्यक्ति समीक्षित जर्नल' (PEER REVIEWED/REFEREED JOURNAL)
( ISSN 2322-0724 Apni Maati ) 

शोध आलेख भेजने संबंधी ज़रूरी निवेदन

(1) आलेख क्षेत्र : साहित्य
 और मानिविकी
। Multi Disciplinary  

(2) आलेख के फोर्मेट 
 (A) समाज विज्ञान के लिए https://app.luminpdf.com/viewer/60eec9b5b189c000112bc145
(B) साहित्य के लिए http://www.apnimaati.com/2021/07/blog-post_20.html 

(3) प्रकाशन का स्वरुप : हमारी पत्रिका का कोई प्रिंट वर्जन नहीं छपता है। हम छापकर कोई पीडीऍफ़ वर्जन भी नहीं भेज पाते हैं। हमारी पत्रिका का इम्पेक्ट फेक्टर स्केल जनरेट नहीं किया हुआ है

(4) सामान्य अंक / विशेषांक : आप यहाँ अप्रकाशित रचनाएँ ही भेजें। हम हमेशा सामान्य अंक ही प्रकाशित करते हैं। बीते सालों में कुछ विशेषांक निकले हैं। अगर आगे भी विशेषांक की कोई योजना होगी तो हम पत्रिका के पोर्टल पर इस बात की घोषणा करेंगे।

(5) तकनिकी पक्ष
  •       भाषा : केवल हिंदी
  •       फॉण्ट : मंगल (देवनागरी) / यूनिकोड (अन्य किसी भी फॉण्ट में रचना नहीं भेजें।)
  •       फॉण्ट साइज़ : 12 
  •       सन्दर्भ : एंड नोट (फूट नोट स्वीकार नहीं होंगे)
  •       फाइल : वर्ड 2007 
  •      पीडीऍफ़ फाइल नहीं भेजें।
  •       शब्द सीमा : 2500 शब्द ( न्यूनतम), 5000 (अधिकतम)
  •       रेफरेंस : कम से कम 12
  •       स्पेसिंग : Top 1 cm, Bottom 1 cm, Left 1 cm, Right 1 cm
  •       शोध-सार : 150 शब्द
  •       'बीज शब्द/ Key Words'
  •        आलेख के अंत में निष्कर्ष जौर हो
  •     सन्दर्भ लिखने के नियम : https://app.luminpdf.com/viewer/60eb0857a615cb001169f7c3 (  सौंजन्य : मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर के हिंदी विभाग )
  •     लेखक का नाम, पद, पता, ई-मेल, मोबाइल नंबर आलेख के अंत में ज़रूर लिखिएगा
  •     हमारा ई-मेल पता है : apnimaati.com@gmail.com   
(6) संलग्न / Attachments
        (A) आलेख की मौलिकता और अप्रकाशित होने का सत्यापन। 
        (B) आपका फोटो और आलेख में शामिल फोटो
         (C) आपका कोई एक पहचान पत्र

(7) प्राथमिकता : 
    (A) शोध आलेख में अगर आपके पीएचडी गाइड / शोध निर्देशक का भी नाम शामिल होगा या आपके शोध निर्देशक द्वारा आपके आलेख को 'अपनी माटी' के लिए भेजने की लिखित संस्तुति संलग्न करेंगे तो हम ऐसे आलेख को अतिरिक्त वरीयता देंगे    

(8) अंतिम निर्णय :  सामग्री चयन, सम्पादन और प्रकाशन का अंतिम निर्णय सम्पादक मंडल का रहेगा। हम आपकी रचना में सम्पादन के दौरान अपनी तरफ से कोई अंश जोड़ेंगे नहीं पर कुछ अंश ज़रूरत के अनुसार काट-छाँट करते हुए हटा सकेंगे 

(9) स्वैच्छिकआपको अपनी माटी पत्रिका के प्रकाशित एक अंक या चयनित रचनाएँ पढ़कर एक पृष्ठ की लिखित टिप्पणी भेजनी होगी कि इस पत्रिका को लेकर आपकी राय क्या है? ताकि हम यह जान सकें कि आप पत्रिका की वैचारिकी से परिचित हैं कि नहीं

(10) आलेख की फीस  : हम आलेख छापने के बदले कोई  फीस चार्ज नहीं करते हैं। ऐसे प्रश्न पूछकर शर्मिंदा न करें
(11) चयन का प्रोसेज
           (A) स्क्रीनिंग : अपनी माटी में सबसे पहले प्राप्त रचना को सम्पादक द्वारा स्क्रीन करके चुना जाता है। इस स्तर पर रचना अस्वीकृत होते ही लेखक को तुरंत जवाबी ई-मेल भेज देने का रिवाज़ है। हमारे यहाँ यह स्क्रीनिंग कहलाता है

        (B) रिव्यू : चयनित रचनाओं को सम्बंधित एक्सपर्ट या एक्सपर्ट के पैनल के पास भेजा जाता है जो कंटेंट पर फाइनल निर्णय लेते हैं। इसे रिव्यू कहते हैं। जानकार व्यक्ति अपनी सीमाओं को स्वीकारते हुए रचनाकार के लिए संक्षिप्त टिप्पणी के साथ आलेख को स्वीकृत या अस्वीकृत करता है। यह निर्णय अंतिम माना जाता है। 

        (C) प्रूफ रीडिंग :तीसरी स्टेज पर हमारे सह-सम्पादक फोर्मेट और कंटेंट संबंधी अपडेट के लिए लेखक से सम्पर्क करके रचना को छपने योग्य बनाते हैं। यहाँ रचनाकार को गुणवत्ता के लिहाज से पत्रिका का सहयोग करना होता है 

        (D) प्रूफ रीडिंगयहीं अंतिम रूप से चयनित रचना की प्रूफ रीडिंग की जाती है। अंक छपने की तारीख से दस दिन पहले सभी रचनाएँ तकनिकी टीम के पास ऑनलाइन प्रकाशन हेतु भेजी जाती है। इस पूरे प्रोसेज के बारे में सम्बंधित लेखक को लगातार अपडेट करने का प्रयास करते हैं। अंक छपने के बाद लेखक को प्रकाशित रूप को चेक करने के लिए लिंक शेयर किया जाता है। सभी की संतुष्टि के बाद अनुक्रमणिका जारी की जाती है 

( Note : हमारे बिना आमंत्रण के सीधे बैंक खाते में सहयोग राशि डालकर आलेख छपवाने का दबाव बनाने की गलती नहीं करें ऐसे रचनाकारों को हम एकदम नहीं छापते हैं। )

UGC Care List Approved 
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(नोट: इससे पहले भी यूजीसी के द्वारा जारी की गयी मान्यता प्राप्त पत्रिकाओं की सूची में 'अपनी माटी' www.apnimaati.com - त्रैमासिक हिंदी वेब पत्रिका को कुछ माह के लिए शामिल किया गया था। यूजीसी की वेबसाईट – ugc.ac.in/journalist/ - में 'अपनी माटी' को क्र.सं./S.No. 6009 में कला और मानविकी (Arts & Humanities) श्रेणी के अंतर्गत सम्मिलत किया गया था। उस दौरान केवल दो अंक ही प्रकाशित हुए थे अब July 2021 से यानी अंक 35-36 संयुक्तांक से अंक फिर से UGC Care Listed हैं।)
  1. अंक पच्चीस http://www.apnimaati.com/2017/11/25.html
  2. अंक छब्बीस http://www.apnimaati.com/2018/02/26.html
देश विदेश के चित्रकार साथियों के लिए 
  1. नमस्कार, अपनी माटी ई-पत्रिका एक प्रतिष्ठित ई पत्रिका है जो एक पंजीकृत संस्थान द्वारा संचालित है
  2. हमारी ई-पत्रिका में एक अवसर है जहाँ आप जैसे चित्रकार साथी अपनी पेंटिंग्स के चित्र प्रदर्शित कर सकते हैं। हमारे त्रैमासिक अंक में हर बार हम एक चित्रकार की लगभग पैंतीस पेंटिंग्स को प्रकाशित करते हैं
  3. आपको हमें अपना बायो डेटा/प्रोफाइल , फोटो और चयनित दस चित्र पहले भेजने होते हैं। हमारा बोर्ड उनका चयन करके आपको चयन की सूचना देता है तो आपको पैंतीस फोटो भेजने होते हैं। सामान्यतया हम अमूर्त चित्र छापते हैं।
  4. आए हुए चित्रों को हम हमारे प्रकाशित होने वाले अंक में छापते हैं। चित्र अच्छे और बड़े पिक्स़ल में भेजें
  5. हम आपका बायो डेटा हमारे एक अलग पोर्टल पर छापते हैं जहाँ आपको देश के नामी लोगों के जीवन परिचय वाले पोर्टल में जगह मिलती है
  6. अंक में प्रत्येक चित्र के साथ आपकी कोंटेक्ट डिटेल्स छापते हैं ताकि लोग सीधे आपसे संपर्क कर सकें
  7. इस बाबत हम आपको किसी भी तरह का आर्थिक मानदेय नहीं दे पाएँगे। सिर्फ आपको हमारी पत्रिका संस्थान द्वारा जारी एक प्रमाण पत्र दे पाएँगे
  8. अगर आप हमारी इस योजना में जुड़ना चाहते हैं तो हमसे हमारी ई-मेल apnimaati.com@gmail.com पर सम्पर्क करिएगा

                   Apnimaati.Com@Gmail.Com, Call 6 to 9 in evening @9460711896 ( Dr. Manik)