'अपनी माटी' का 19वाँ अंक:दलित-आदिवासी विशेषांक/अतिथि सम्पादक-जितेन्द्र यादव - अपनी माटी ई-पत्रिका

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

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'अपनी माटी' का 19वाँ अंक:दलित-आदिवासी विशेषांक/अतिथि सम्पादक-जितेन्द्र यादव




  सम्पादकीय

शिक्षा-व्यवस्था और आदिवासी /सौरभ कुमार
दलित आदिवासीः एक संघर्षमय जीवन/शालिनी अस्थाना

परत दर परत
इतिहास के पृष्ठों पर अनलिखी आदिवासी आग्नेय गाथा: मगरी मानगढ़/डॉ. नवीन नन्दवाना
आत्मकथाओं में अभिव्यक्त स्त्री जीवन का साक्ष्य/मुदनर दत्ता सर्जेराव
जंगल के दावेदार:आदिवासी संघर्ष /माजिद मिया
विस्थापन का संकट आदिवासी प्रतिरोध और हिंदी उपन्यास / डा. शशि भूषण मिश्र
वास्तविकता की परतें उड़ेधती “आहत देश”/ मुजतबा मन्नान
भीष्म साहनी के कबीर/कॅंवल भारती


अनुवाद:पंजाबी कहानी 'चीख'/गुरमीत कडियावली(अनुवादक-सुरजीत सिंह वरवाल)

ग्राउंड रिपोर्ट
राजस्थान में गरीब दलितों पर भीषण हमले/सुशील कुमार 
समीक्षा
अपने समय- समाज से संवाद करते शिवमूर्ति के उपन्यास/ धनंजय कुमार साव
आदिवासी अस्मिता और बंदूक से निकलते सवाल/डॉ. सुनील कुमार यादव
अम्बेडकरवादी चेतना का दस्तावेज : दुनिया बदलने को किया वार/सोनटक्के साईनाथ चंद्रप्रकाश

शोध
आदिवासी स्त्री-अस्मिता एवं अस्तित्व के सवाल और निर्मला पुतुल/आरले श्रीकांत लक्ष्मणराव
गिरीश कर्नाड की नाट्य कृति 'अग्नि और बरखा' में अभिव्यक्त समकालीन प्रश्न / सुनैना देवी
आदिवासी कविता:स्त्री अस्मिता/ धीरेन्द्र सिंह
संजीव के उपन्यासों में अंधविश्वास/डॉ. रमाकान्त
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दलित-आदिवासी विशेषांक 
अतिथि सम्पादक-जितेन्द्र यादव (09001092806)
आवरण चित्र-रामदेव मीणा (मो-09414946739),चित्रांकन-मुकेश बिजोले(मो-09826635625)


ई-मेल:info@apnimaati.com,वेबसाइट:www.apnimaati.com,मो-9001092806
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