अनुक्रमणिका :- अपनी माटी का सामान्य अंक 41

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अपनी माटी (ISSN 2322-0724 Apni Maati)  अंक-41, अप्रैल-जून 2022

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( Under List 'Multi Disciplinary' Sr. Nu. 01 )

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सम्पादक-द्वय : माणिक एवं जितेन्द्र यादव, चित्रांकन : सत्या सार्थ (पटना)

5 टिप्पणियाँ

  1. साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में अपनी माटी बहुत ही बेहतरीन पत्रिका है । इसकी पूरी टीम बड़े ही मनोयोग से पत्रिका के प्रकाशन में संलग्न है । पत्रिका के सम्पादक मण्डल सहित सम्पूर्ण टीम को हृदय से साधुवाद ।

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  2. अशोक मौर्य जी सम्राट का आलेख,,हिंसा से अहिंसा की और,,,लेकिन मध्यकाल में ऐसा कोई शासक नहीं हुआ,,विशेषत तथाकथित दिल्ली राजधानी के संदर्भ में,,आलेख सुंदर भावों युक्त

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  3. अपनी माटी की पूरी टीम जितनी ईमानदारी,निष्पक्षता और तन्मयता से अपना कार्य करती है वो सराहनीय है। डॉ. विमलेश शर्मा का शोध आलेख बहुत ही कमाल है। भाषा काफी आकर्षक है।

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  4. इस अंक की अनुक्रमणिका में यह प्रत्यक्ष हो रहा है कि आलेख चयन में प्रासंगिक विषयों को तरज़ीह दिया गया है। समसामयिक सरोकारों एवं साहित्यिक विमर्शों के सम्यक संकलन से पत्रिका का यह अंक शानदार है। इस अंक में संकलित स्त्री सम्बंधित सभी आलेखों पर जल्द ही एक सार्थक टिप्पणी करूँगा।

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  5. 'अपनी माटी' पत्रिका के शोध आलेख स्तरीय एवं प्रासंगिक होते हैं, हमेशा बेहतर करने में प्रयासरत संपादकीय कार्य प्रशंसनीय है, यह पत्रिका निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर हो ईश्वर से यही प्रार्थना है। अग्रिम शुभकामनाएं।

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